जम्मू। कठुआ गैंगरेप मामले में विवादों में आए जम्मू-कश्मीर बार एसोसिएशन के अध्यक्ष बीएस सलाथिया ने आज रोहिंग्या शरणार्थियों के मुद्दे पर विवादित बयान दे डाला. रोहिंग्या और वन भूमि से बंजारा समुदाय को बाहर करने के मुद्दे पर बुधवार को जम्मू में एक रैली निकाली गई थी. इसी दौरान सलाथिया ने चेतावनी दी की रोहिंग्या को लेकर सरकार कदम नहीं उठाएगी तो तो युवा एके 47 भी उठा सकते हैं.Also Read - Bihar-Jharkhand के नक्‍सलियों-गैंगस्‍टर्स को एके-47 की सप्‍लाई करने वाले गैंग का खुलासा, पुलवामा में CRPF जवान निकला सरगना

Also Read - Gun Viral Video: इस शख्स ने बंदूक से चलाईं इतनी तेज गोलियां मानो AK-47 हो, लोग बोले- भतेरा दम है...

सलाथिया ने दिया ये बयान  Also Read - Viral Video: पाकिस्तान में अनोखी शादी, दूल्हे को गिफ्ट में दी AK 47, लोग बोले- गरीब देश के अमीर...

सलाथिया ने इस दौरान शहीद भगत सिंह का भी जिक्र किया. सलाथिया ने कहा कि अंग्रेज हुकूमत के खिलाफ भगत सिंह को एसेंबली मेें बम फेंकने पर मजबूर होना पड़ा था. कहीं ऐसा ना हो कि रोहिंग्या के खिलाफ यहां के युवाओं को एके 47 उठाने पर मजबूर ना होना पड़े. सलाथिया ने कहा, महबूबा मुफ्ती जी, फारुक अब्दुल्ला जी, उमर अब्दुल्ला जी, अगर राज्य सरकार उनकी मांगों को नहीं मानती है तो जम्मू के जो युवा आज तिरंगा लेकर निकले हैं, कल एके 47 और बम भी उठा सकते हैं.

कठुआ गैंगरेप: पीड़िता के अंतिम 7 दिन की दास्तां, मास्टरमाइंड ने पहले की पूजा फिर बेटे-भतीजे से कराया रेप

कठुआ गैंगरेप: पीड़िता के अंतिम 7 दिन की दास्तां, मास्टरमाइंड ने पहले की पूजा फिर बेटे-भतीजे से कराया रेप

कठुआ मामले में चर्चा में हैं सलाथिया

बीएस सलाथिया इन दिनों चर्चा में हैं. कठुआ गैंगरेप केस में पीड़िता के वकील दीपिका राजावत ने आरोप लगाया है कि सलाथिया ने उन्हें पीड़िता की ओर से केस नहीं लड़ने की धमकी दी है. हालांकि सलाथिया ने इस आरोप को गलत बताते हुए कहा कि उन्होंने हाथ जोड़कर ऐसी गुजारिश की थी. सलाथिया ने ये भी कहा कि सालों पहले इस वकील को बार एसोसिएशन से हटा दिया गया था, इसी बात को लेकर वह इस तरह के आरोप लगा रही हैं.

पीड़िता के वकील का कर रहे हैं विरोध

बता दें कि कठुआ गैंगरेप मामले में जब पुलिस चार्जशीट दाखिल करने के लिए कोर्ट पहुंची थी तो जम्मू- कश्मीर बार एसोसिएशन के वकीलों ने खास हंगामा किया था. सलाथिया इस मामले में सिविल सोसाइटी की अगुवाई कर रहे हैं और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं. 17 अप्रैल तक बार एसोसिएशन को सस्पेंड भी रखा गया है. इस विरोध को लेकर आज सुप्रीम कोर्ट ने जम्मू-कश्मीर बार एसोसिएशन को नोटिस भी जारी किया है.