कर्नाटक में येदियुरप्पा सरकारः कांग्रेस के इन विधायकों के सहारे बहुमत जुटाएगी बीजेपी!

बीजेपी के एक धड़े का तर्क है कि लिंगायत विधायक कांग्रेस-जेडीएस गठबंधन से नाखुश हैं. बीजेपी की नजर इन विधायकों पर है.

Updated: May 17, 2018, 12:25 PM IST

बेंगलुरु. बीजेपी नेता बीएस येदियुरप्पा ने गुरुवार को तीसरी बार मुख्यमंत्री पद की शपथ ली. गवर्नर ने उन्हें 15 दिन में बहुमत साबित करने का समय दिया है. लेकिन 104 विधायकों के साथ बीजेपी को बहुमत के लिए 8 विधायकों की जरूरत है. ऐसे में बीजेपी की नजर लिंगायत विधायकों पर हैं. सूत्रों के अनुसार, बीजेपी के एक धड़े का तर्क है कि लिंगायत विधायक कांग्रेस-जेडीएस गठबंधन से नाखुश हैं. लिंगायत विधायक वोक्कालिगा समुदाय से आने वाले एचडी कुमारस्वामी के सीएम बनने पर समर्थन देंगे या नहीं ये बड़ा सवाल है?

विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के टिकट पर दर्जन भर से ज्यादा लिंगायत विधायक चुन कर आए हैं. लेकिन वे जेडीएस से नाखुश हैं. दूसरी तरफ लिंगायत को अलग धर्म के रूप में मान्यता देने के बावजूद लिंगायत समुदाय का ज्यादा झुकाव कांग्रेस की तरफ न रहकर बीजेपी की तरफ रहा. ऐसे में बीजेपी और लिंगायत समुदाय से आने वाले येदियुरप्पा की नजर कांग्रेस के लिंगायत विधायकों पर है. उन्हें उम्मीद है कि लिंगायत समुदाय से सीएम होने पर वे उन्हें समर्थन दे देंगे.

वोक्कालिगा और लिंगायत विरोधी
बता दें कि साल 2007 चुनाव से ही वोक्कालिगा और लिंगायत राजनीतिक रूप से एक दूसरे के धूर विरोधी हैं. इस दौरान जेडीएस ने अपना कार्यकाल पूरा करने के बाद बीजेपी से समर्थन वापस ले लिया था. ऐसे में 7 दिन में ही येदियुरप्पा की सरकार गिर गई थी. इस घटना ने वोक्कालिगा और लिंगायत को एक दूसरे का राजनैतिक विरोधी बना दिया था.

बड़ी पार्टी है बीजेपी
वहीं, बीजेपी का तर्क है कि जनता ने कांग्रेस के खिलाफ वोट दिया है. वहीं, जेडीएस तीसरे नंबर पर रही है. ऐसे में जेडीएस का मुख्यमंत्री कैसे बनेगा. 60 से ज्यादा सीटों की बढ़त के बावजूद बीजेपी 104 पर अटग गई और बहुमत से 8 सीट पीछे रह गई. बता दें कि पिछले चुनाव में उसे सिर्फ 40 सीट मिली थी.

कांग्रेस का विधायक लापता
वहीं, दूसरी तरफ कांग्रेस के चार विधायकों के लापता होने की खबर है. कांग्रेस का आरोप है कि बेल्लारी जिले से आने वाले विधायक आनंद सिंह सीधे नरेंद्र मोदी के संपर्क में हैं. वहीं अन्य विधायक कांग्रेस के साथ ही हैं. हालांकि, बीजेपी ने किसी भी तरह की खरीद-फरोक्त से सीधे इनकार कर दिया है. कांग्रेस विधायक ई तुकाराम पर भी आरोप लग रहे हैं कि रेड्डी बंधुओं का करीबी होने के कारण वह बीजेपी के साथ चले गए हैं.

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