बेंगलुरू. भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की कर्नाटक इकाई के अध्यक्ष बी.एस. येदियुरप्पा ने ‘द कारवां’ पत्रिका की रिपोर्ट का खंडन करते हुए कहा कि यह कांग्रेस द्वारा मीडिया में गढ़ी गई कहानी है. रिपोर्ट में कहा गया कि येदियुरप्पा ने भाजपा के राष्ट्रीय नेताओं को करोड़ों रुपए दिए थे. प्रदेश भाजपा अध्यक्ष ने इन आरोपों से इनकार किया है. येदियुरप्पा ने एक बयान में कहा, “कांग्रेस नेताओं ने राजनीतिक लाभ लेने के लिए मीडिया में कहानी गढ़ी है और आगामी (आम) चुनाव से पहले दुर्भावनापूर्ण अभियान चलाया है.”

द कारवां की गुरुवार को प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार, “येदियुरप्पा के हाथ की लिखी डायरी की प्रविष्टियों की प्रतियों तक समाचार पत्रिका द कारवां ने पहुंच बनाई है, जिनमें वित्तमंत्री अरुण जेटली, गृहमंत्री राजनाथ सिंह, परिवहन मंत्री नितिन गडकरी, लालकृष्ण आडवाणी और मुरली मनोहर जोशी व भाजपा के अन्य वरिष्ठ नेताओं को 1,800 करोड़ से अधिक रकम देने का जिक्र किया गया है.”

येदियुरप्पा ने कहा, “आयकर विभाग के अधिकारियों ने पहले ही करोड़ों रुपए के भुगतान के कथित आरोप की जांच की है और उन्होंने पाया कि कागजात (डायरी की प्रविष्टियां) झूठी हैं और हस्ताक्षर जाली हैं.” येदियुरप्पा कर्नाटक में भाजपा के पहले मुख्यमंत्री थे और वह मई 2008 से लेकर जुलाई 2011 तक प्रदेश के मुख्यमंत्री रहे. जमीन घोटाले में जेल चले जाने के कारण उनकी सरकार गई थी.

इधर, केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (CBDT) ने कहा कि 2017 में डी. के. शिवकुमार के घर पर छापेमारी के दौरान जांच टीम को दिए गए डायरी के पृष्ठ व बिखड़े कागजात असल दस्तावेज नहीं थे. शिवकुमार ने जांचकर्ताओं को बताया कि यह येदियुरप्पा द्वारा लिखी गई एक डायरी की प्रति है और नेता (बी. एस. येदियुरप्पा) की तरफ से विधायकों को भुगतान किया गया और जब वे सत्ता में थे तब अनेक नेताओं, विधायकों व मंत्रियों से प्राप्त किए गए थे. सीबीडीटी की ओर से यह स्पष्टीकरण कारवां पत्रिका की रिपोर्ट के बाद आया है.