बेंगलुरू: कर्नाटक भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष बीएस येदियुरप्पा आज शाम छह बजे मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे. शपथ ग्रहण से पहले बीएस येदियुरप्पा ने बेंगलुरु के कडू मल्लेश्वर मंदिर में पूजा-अर्चना की. बता दें कि आज सुबह येदियुरप्पा ने राज्यपाल से मिलकर सरकार बनाने का दावा पेश किया था, साथ ही उनसे अनुरोध किया था कि वे शाम छह बजे शपथ ग्रहण कराएं.

 

कर्नाटक भाजपा अध्यक्ष बीएस येदियुरप्पा ने शुक्रवार को कहा कि राज्यपाल वजुभाई वाला आज शाम छह बजे उन्हें मुख्यमंत्री पद की शपथ दिलाएंगे. येदियुरप्पा ने यहां राजभवन में राज्यपाल से मुलाकात के बाद पत्रकारों से कहा कि मैंने राज्यपाल से मुझे शाम छह बजे से सवा छह बजे के बीच मुख्यमंत्री पद की शपथ दिलाने का अनुरोध किया. राज्यपाल राजी हो गए और मुझे एक पत्र दिया. उन्होंने कहा कि मंत्रिमंडल में किसे शामिल किया जाएगा, इसके बारे में मैं हमारे राष्ट्रीय अध्यक्ष से चर्चा करूंगा और उन्हें सूचित करूंगा.


येदियुरप्पा ने सरकार बनाने का दावा पेश करने के लिए राज्यपाल से मुलाकात की और उनसे आज ही पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाने का अनुरोध किया. उन्होंने कहा कि चूंकि वह पहले ही विपक्ष के नेता हैं तो नेता चुनने के लिए विधायक दल की बैठक बुलाने की जरूरत है. येदियुरप्पा ने कहा कि वह शपथ ग्रहण समारोह के लिए निवर्तमान मुख्यमंत्री एच डी कुमारस्वामी और कांग्रेस विधायक दल के नेता सिद्दरमैया को भी निमंत्रण पत्र भेजेंगे. उन्होंने कहा कि मैं कुमारस्वामी और सिद्दरमैया को व्यक्तिगत तौर पर आमंत्रित करने के लिए उनसे फोन पर संपर्क करने की कोशिश करूंगा.

येदियुरप्पा मंगलवार को शक्ति परीक्षण के बाद कांग्रेस-जद(एस) गठबंधन सरकार गिरने के बाद सरकार बनाने का दावा पेश करने के लिए पार्टी आलाकमान के ‘निर्देशों’ का इंतजार कर रहे थे. जगदीश शेट्टार, अरविंद लिम्बावली, जे सी मधुस्वामी, बसवराज बोम्मई और येदियुरप्पा के बेटे वियजेंद्र समेत कर्नाटक भाजपा नेताओं के एक समूह ने बृहस्पतिवार को नयी दिल्ली में पार्टी प्रमुख अमित शाह से मुलाकात की और सरकार गठन पर चर्चा की.

अध्यक्ष के. आर. रमेश कुमार ने बृहस्पतिवार को दल-बदल कानून के तहत कांग्रेस के तीन असंतुष्ट विधायकों को अयोग्य करार दे दिया था. कुमारस्वामी के नेतृत्व वाली 14 महीने पुरानी कांग्रेस-जद(एस) गठबंधन सरकार विधानसभा में विश्वास मत हारने के बाद मंगलवार को गिर गई. इसी के साथ राज्य में तीन सप्ताह से चल रहे सत्ता संघर्ष पर विराम लग गया.