नई दिल्ली: पिछले दिनों जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में हुए आतंकवादी हमले में सीआरपीएफ के 40 जवानों की शहादत के बाद केंद्र सरकार ने श्रीनगर में 14 साल बाद सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) को तैनात किया है. अधिकारियों ने बताया कि केंद्र सरकार ने बीएसएफ की 100 अतिरिक्त कंपनियां जम्मू-कश्मीर बुलवा ली है. केंद्रीय गृह मंत्रालय के सूत्रों ने दिल्ली में बताया कि बीएसएफ की 35 सहित इस अर्धसैनिक बल की 100 कंपनियां लोकसभा चुनाव से पहले के नियमित अभ्यास के तहत तैनात की जा रही हैं. अधिकारियों ने यहां कहा कि बीएसएफ 14 साल के बाद घाटी में वापस बुलाई गई है.

उन्होंने कहा कि बीएसएफ को 2016 में हुई अशांति के समय अस्थायी तौर पर एक हफ्ते के लिए कश्मीर में तैनात किया गया था, लेकिन उसे तुरंत वहां से हटा लिया गया था. अधिकारियों ने बताया कि पुलवामा हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव की स्थिति के बीच यह तैनाती की गई है. अधिकारियों ने बताया कि बीएसएफ श्रीनगर में चार और बडगाम जिले में एक जगह तैनात की गई है.

सीआरपीएफ की जगह बीएसएफ की तैनाती हुई है. उन्होंने बताया कि इस कदम का मकसद घाटी में कानून-व्यवस्था दुरुस्त करना है. उन्होंने कहा, ‘बीएसएफ आईटीबीपी की कंपनियों के साथ मिलकर कश्मीर क्षेत्र में तैनात सीआरपीएफ की कंपनियों से स्थिर गार्ड ड्यूटी संभालेगी. हालांकि गृह मंत्रालय का कहना है कि जम्मू कश्मीर में 10,000 अतिरिक्त अर्द्धसैनिक कर्मियों की तैनाती लोकसभा चुनाव से पहले एक नियमित चुनाव पूर्व अभ्यास है.

दूसरी ओर सुप्रीम कोर्ट में संविधान के अनुच्छेद 35 ए पर होने वाली सुनवाई से पहले शनिवार को सुरक्षा बलों ने 150 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया. इनमें मुख्य रूप से जमात ए इस्लामी जम्मू एंड कश्मीर के प्रमुख अब्दुल हामिद फयाज सहित इसके अन्य लोग शामिल हैं. शीर्ष न्यायालय में यह सुनवाई सोमवार को होने की संभावना है.

हालांकि पुलिस ने इस कार्रवाई को नियमित बताते हुए कहा है कि अतीत में नेताओं और पथराव करने वाले लोगों को उठाया गया है. वहीं इस घटनाक्रम से नजदीकी रूप से जुड़े अधिकारियों ने कहा कि यह जमात ए इस्लामी पर प्रथम बड़ी कार्रवाई है. कुछ सरकारी विभागों द्वारा जारी आदेशों से भी लोगों में डर समा गया है. श्रीनगर के गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज ने अपने संकाय सदस्यों की सर्दियों की छुट्टियां रद्द कर दी हैं और उन्हें सोमवार को अपने काम पर आने को कहा है.

(इनपुट-भाषा)