BSF Raising Day: देश की रक्षा की पहली पंक्ति (First Line of Defense) के रूप में सीमा सुरक्षा बल (BSF) की भूमिका काफी अहम है. पाकिस्तान (Pakistan) और बांग्लादेश (Bangladesh) बॉर्डर पर बीएसएफ हमेशा चौकस रहकर घुसपैठ की कोशिशों को लगातार नाकाम करती रही है. देश पर होने वाले किसी भी हमले का पहला जवाब देने की जिम्मेदारी बीएसएफ की ही है. आज बीएसएफ का स्थापना दिवस (BSF Raising Day) है, इस अवसर पर अमृतसर में अट्टारी-वागाह बॉर्डर (Attari Wagah Border) पर बीएसएफ के जवान पाकिस्तानी रेंजर्स के साथ मिठाई बांटकर अपनी स्थापना दिवस की खुशियां बनाएंगे. आपको जानकारी होगी की अट्टारी-वागाह बॉर्डर पर हर शाम बीटिंग रिट्रिट सेरेमनी (Beating Retreat ceremony) होती है. जिसे देखने के लिए बॉर्डर के दोनों तरफ सैकड़ों की संख्या में लोग पहुंचते हैं.Also Read - Punjab ke CM: बंटवारे के समय पाकिस्तान में रुके और फिर भारत आकर पंजाब के मुख्यमंत्री बने भीम सेन सच्चर

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) ने भी बुधवार को सीमा सुरक्षा बल (BSF) के स्थापना दिवस के अवसर पर अर्धसैनिक बल के कर्मियों को बधाई दी है. उन्होंने देश की सुरक्षा के साथ ही आपदा व संकट की घड़ी में बीएसएफ के योगदान की सराहना भी की है. पीएम मोदी मोदी ने एक ट्वीट में कहा, ‘स्थापना दिवस पर मैं बीएसएफ परिवार को बधाई देता हूं. साहस और पेशेवराना अंदाज के लिए बीएसएफ का व्यापक सम्मान किया जाता है.’ Also Read - T20 World Cup 2022 Full schedule: फिर होगी भारत-पाकिस्तान के बीच 'हाई वोल्टेज भिड़ंत', यहां जानिए पूरा शेड्यूल

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, ‘भारत की सुरक्षा में बीएसएफ का महत्वपूर्ण योगदान है और वह आपदा व संकट की घड़ी में भी कई मानवीय कार्यों में आगे रहता है.’ Also Read - Pakistan Blast: लाहौर के अनारकली बाजार में धमाका, 3 की मौत 20 से ज्यादा घायल

बता दें कि सीमा सुरक्षा बल यानी बीएसएफ की स्थापना साल 1965 में की गई थी. इस अर्धसैनिक बल की मुख्य भूमिका भारत की सीमाओं की रक्षा और अन्तरराष्ट्रीय अपराध को रोकने की है. बीएसएफ केंद्र सरकार के गृह मंत्रालय के अंतर्गत आता है. बांग्लादेश की आजादी में भी ‘सीमा सुरक्षा बल’ की अहम भूमिका अविस्मरणीय है.

ज्ञात हो कि बीएसएफ, दुनिया का सबसे बड़ा सीमा सुरक्षा बल है, जो पाकिस्तान और बांग्लादेश के साथ लगती भारत की 6386.36 किलोमीटर लंबी अंतरराष्ट्रीय सीमा की सुरक्षा में तैनात है. अपनी स्थापना दिवस के अवसर पर सीमा सुरक्षा बल ने राष्ट्र के लिए दायित्व और अपने आदर्श वाक्य ‘जीवन पर्यंत कर्तव्य’ के लिए प्रतिबद्धता को दोहराया है.