जम्मू, 5 जनवरी | जम्मू एवं कश्मीर के सांबा जिले में अंतर्राष्ट्रीय सीमा के नजदीक पाकिस्तानी गोलाबारी में सोमवार को सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) का एक जवान शहीद हो गया और एक महिला गंभीर रूप से घायल हो गई।  पुलिस के एक अधिकारी ने आईएएनएस से कहा कि बीएसएफ के हवलदार की पहचान नौंवी बटालियन के देविंदर सिंह के रूप में हुई है। वह पाकिस्तानी रेंजर्स की ओर से खवादा चौकी पर की गई गोलाबारी में शहीद हो गए।

वहीं गंभीर रूप से घायल महिला की पहचान शिबो देवी पत्नी दीवान चंद के रूप में हुई है। वह सांबा जिले के बैंगालार्द गांव की रहने वाली है। उसे सरकारी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में भर्ती कराया गया है।  पाकिस्तान ने सांबा जिले के ही रामगढ़ सेक्टर में भी तीन स्थानों पर गोलाबारी की। यहां गोलीबारी से व्यापक क्षति पहुंची है। एक ग्रामीण बूटी राम का घर पूरी तरह तबाह हो गया। बीएसएफ ने इसके बाद जवाबी कार्रवाई की।

मिली जानकारी के मुताबिक सांबा जिले में पाकिस्तान की ओर से भारी गोलाबारी अब भी जारी है।  उल्लेखनीय है कि जम्मू एवं कश्मीर में अंतर्राष्ट्रीय सीमा पर पाकिस्तान ने शनिवार को गोलीबारी की थी। गोलीबारी में दो सैनिक शहीद हो गए थे, और एक महिला की मौत हो गई थी। अन्य 10 लोग घायल हो गए थे। कई नागरिकों को सीमा पर स्थित अपने घरों को छोड़ने पर भी मजबूर होना पड़ा था।  रविवार को यद्यपि गोलीबारी या गोलाबारी नहीं हुई, लेकिन भयभीत ग्रामीणों ने सांबा और कठुआ जिलों में अस्थायी शिविरों में रहने का ही फैसला किया।

तकरीबन 1,400 ग्रामीणों ने शनिवार को पाकिस्तानी सैनिकों द्वारा की जा रही अंधाधुंध गोलाबारी के कारण अपने घरों से दूर सुरक्षित स्थलों पर पनाह ली थी।  अभी वे कठुआ जिले के हीरानगर, चान कहत्रियां और मारन तथा सांबा जिले के रीगल और चीची माता शिविरों में शरण लिए हुए हैं।  गोलीबारी के कारण सीमा पर स्थित गांव मानयारी, पानसर, बोबिया, लोंडी, सदेचक, चैलारी, चाचवाल, मांगू चाक, रेगाल, मावा, साधो और चाक फाकिरा जैसे गांवों में रहने वाले दर्जनों परिवारों ने अपना घर छोड़ दिया।