नई दिल्‍ली: राजस्‍थान की सियासत में वायरल ऑडियो कांड को लेकर आज बीजेपी के कांग्रेस पर हमले के बाद बीएसपी चीफ मायावती ने मुख्‍यमंत्री अशोक गहलोत पर हमला बोला है. मायावती ने राजस्‍थान में राष्‍ट्रपति शासन लगाने की मांग की है. Also Read - शिवराज चौहान ने पूछा- क्या राहुल गांधी की कांग्रेस अलग है और कमलनाथ की कांग्रेस अलग?

बीएसपी प्रमुख मायावती ने कहा, राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने पहले दल-बदल कानून का खुला उल्लंघन व बीएसपी के साथ लगातार दूसरी बार दगाबाजी करके पार्टी के विधायकों को कांग्रेस में शामिल कराया और अब जग-जाहिर तौर पर फोन टेप कराके इन्होंने एक और गैर-कानूनी व असंवैधानिक काम किया है. Also Read - सोनिया गांधी का केंद्र पर हमला, बोलीं- शासक के जीवन में अंहकार और वादाखिलाफी की जगह नहीं

बसपा प्रमुख ने कहा, इस प्रकार राजस्थान में लगातार जारी राजनीतिक गतिरोध, आपसी उठा-पठक व सरकारी अस्थिरता के हालात का वहां के राज्यपाल को प्रभावी संज्ञान लेकर वहां राज्य में राष्ट्रपति शासन लगाने की सिफारिश करनी चाहिए, ताकि राज्य में लोकतंत्र की और ज्यादा दुर्दशा न हो. Also Read - MP उपचुनाव: 18 प्रतिशत प्रत्याशियों पर हैं अपराधिक मामले, दागियों को टिकट देने में सपा-बीजेपी आगे

बता दें कि राजस्थान में जारी सियासी संकट के बीच ऑडियो क्लिप सामने आया है. इस टेप का हवाला देकर कांग्रेस ने राजस्थान में सरकार गिराने के लिए खरीद फरोख्त की कोशिश होने का आरोप लगाया है.

बीजेपी प्रवक्‍ता संबित पात्रा ने आज कहा है कि संवैधानिक प्रावधानों को ताक पर रखकर फोन टैंपिंग किए जाने सहित विभिन्न प्रकरण की सीबीआई से जांच कराई जानी चाहिए. भाजपा प्रवक्ता ने सवाल उठाया कि क्या राजस्थान में परोक्ष रूप से आपातकाल नहीं लगाया जा रहा? उन्होंने कहा, ”भाजपा इस पूरे प्रकरण की सीबीआई द्वारा जांच की मांग करती है. इससे दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा.” पात्रा ने आरोप लगाया कि राजस्थान की सरकार 2018 में बनी, अशोक गहलोत जी मुख्यमंत्री बने, उसके बाद एक कांग्रेस पार्टी की सरकार में शीत युद्ध की स्थिति बनी रही.

बीजेपी प्रवक्‍ता पात्रा ने सवाल किया कि क्या राजस्थान में फोन टैपिंग की जा रही थी और क्या यह आधिकारिक स्तर पर की जा रही थी. क्या मानक प्रक्रियाओं (एसओपी) का पालन हुआ ? क्या फोन टैपिंग इत्यादि की गई ? क्या सभी राजनीतिक पार्टी के सभी लोगों के साथ इस प्रकार का व्यवहार किया जा रहा है? इसे लेकर सीबीआई द्वारा तत्काल जांच होनी चाहिए.