नई दिल्ली: बीएसपी सुप्रीमों मायावती की लुटियन की दिल्ली में करोड़ों रुपए की संपत्तियां हैं. मायावती के पास राष्ट्रीय राजधानी में एक आधिकारिक निवास-सह-कार्यालय भी है. हाल में सुप्रीम कोर्ट ने अपनी टिप्पणी में कहा है कि बसपा सुप्रीमो मायावती को खुद की, उनके गुरु कांशीराम व हाथियों की लखनऊ व नोएडा में प्रतिमाओं पर खर्च हुई धन राशि को सरकारी खजाने में जमा कराना चाहिए. खास बात ये हैं कि बसपा सुप्रीमों ने देश की राजधानी के लुटियंस जोन में आवंटित सरकारी बंगलों में नियमों को ताक में रखकर बड़े बदलाव करवाएं हैं. सर्वोच्च न्यायालय ने शुक्रवार को कहा कि मायावती को लखनऊ व नोएडा में हाथियों की मूर्तियां लगाने पर खर्च की गई रकम को सरकारी खजाने में जमा कराना चाहिए. Also Read - UP gram Panchayat Chunav 2021: नए जोश में मायावती, पूरे दम-खम के साथ ग्राम पंचायत चुनाव में उतरेगी BSP

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बता दें कि हाथी, बहुजन समाज पार्टी का चुनाव चिन्ह है. मायावती, उत्तर प्रदेश की चार बार मुख्यमंत्री रह चुकी हैं. उन्होंने जमीनी स्तर से उठकर राष्ट्रीय स्तर पर प्रसिद्धि हासिल की है और वह देश के अमीर राजनेताओं में शुमार हैं.

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111 करोड़ रुपए से ज्यादा की संपत्ति घोषित की

मायावती द्वारा 2012 के राज्यसभा चुनावों के समय नामांकन पत्र दाखिल करने के समय की गई घोषणा के अनुसार, उनकी लखनऊ व दिल्ली में दोनों जगह आवासीय व वाणिज्यिक संपत्तियां है, बैंक में नकदी व आभूषण हैं, यह सब 111 करोड़ रुपए से ज्यादा की हैं. मायावती ने 2017 में राज्य सभा से इस्तीफा दे दिया.

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2007 और 2010 में थी ये संपत्ति

साल 2010 में बसपा सुप्रीमो मायावती जब उत्तर प्रदेश विधान परिषद के लिए निर्वाचित हुई थी, तो उनकी कुल संपत्तियों की कीमत करीब 88 करोड़ रुपए व 2007 में 52.27 करोड़ रुपए आंकी गई थी.

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तीन सरकारी बंगलों को मिलाकर बनवाया सुपर बंगला

– दिल्ली में बंगला नंबर-12,14 व 16 को मिलाकर सुपर बंगला बनाया गया है और इसका इस्तेमाल निवास-सह-कार्यालय के रूप में होता है

– मायावती यहां अपनी प्रेस कांफ्रेंस व पार्टी की दूसरी महत्वपूर्ण बैठकें करती हैं

– दिल्ली में बंगला नंबर-12,14 व 16 को मिलाकर बनाए गए सुपर बंगले में से एक इकाई को बहुजन प्रेरणा ट्रस्ट के नाम से आवंटित है

– नियमानुसार नई दिल्ली के लुटियन जोन में सरकारी बंगलों में किसी तरह के परिवर्तन की इजाजत नहीं है, लेकिन नियमों का उल्लंघन किया गया

रकाब गंज रोड पर एक सरकारी बंगला है

– मायावती की ज्यादातर संपत्ति रीयल एस्टेट में है और उनकी दिल्ली व लखनऊ में पॉश इलाके में आवासीय इमारतें हैं

– मायावती के पास उनके नाम से 4, गुरुद्वारा रकाब गंज रोड पर एक सरकारी बंगला है, यह इन तीनों से अलग है.

– इस तरह के बंगले मंत्रियों व सचिवों के लिए बने है, जिसका भूखंड 8,250 वर्गफीट है और आगे व पीछे लॉन हैं

– इनका प्लिन्थ एरिया 1,970 वर्गफीट है और इसमें आठ शयनकक्ष, चार सर्वेट क्वार्टर व दो गैरेज हैं.

दिल्ली और लखनऊ के पॉश इलाके में हैं संपत्तियां

– मायावती की दिल्ली की अचल संपत्तियों में दिल्ली के कनॉट प्लेस (बी-34 भूतल व बी-34 प्रथम तल, इनका क्षेत्र कमश: 3628.02 व 4535.02 वर्गफीट है) में दो वाणिज्यिक इमारतें शामिल हैं.

– इन वाणिज्यिक संपत्तियों का 2012 में अनुमानित बाजार मूल्य क्रमश: 9.39 करोड़ रुपए व 9.45 करोड़ रुपए है.

– दिल्ली के कनॉट प्लेस की संपत्तियों की जानकारी 2012 के राज्यसभा चुनावों के दौरान दाखिल किए गए नामांकन पत्र में है.

– साल 2009 में मायावती ने नई दिल्ली के डिप्लोमेटिक एनक्लेव के 23, 24 सरदार पटेल मार्ग पर एक संपत्ति खरीदी.

– एनक्लेव के 23, 24 सरदार पटेल मार्ग की संपत्ति का कुल क्षेत्रफल 43,000 वर्गफीट है

– 2012 में इसकी कीमत 61 करोड़ रुपए आंकी गई थी

– लखनऊ में मायावती के पास 9, माल एवेन्यू पर एक आवासीय इमारत का क्षेत्रफल 71,282.96 वर्गफीट है

– माल एवेन्यू की इमारत का निर्माण क्षेत्र 53,767.29 वर्ग फीट है

– इसे 3 नवंबर 2010 में खरीदा गया और इसकी अनुमानित कीमत 2012 में 16 करोड़ रुपए थी