नई दिल्ली: लोकसभा चुनाव में बुरी तरह से हार के बाद उत्तर प्रदेश में बेहद चर्चा में रहा सपा-बसपा गठबंधन टूट सकता है. इसके संकेत बसपा प्रमुख मायावती ने दिए हैं. सूत्रों के मुताबिक मायावती ने आज हार की समीक्षा करते हुए कहा कि कई जगहों पर सपा समर्थकों ने बसपा को वोट नहीं किया. उन्होंने यहां तक कहा कि यादवों ने बसपा को वोट ही नहीं किया. इसके साथ ही ये भी कहा गया है कि बसपा उपचुनाव अकेले लड़ सकती है.Also Read - अखिलेश यादव करहल सीट से लड़ेंगे विधानसभा चुनाव, 10 प्‍वाइंट में देखें कैसा है जातीय गणित

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हार की समीक्षा के लिए बुलाई गई बैठक में नवनिर्वाचित सांसद, बसपा विधायक, व अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे. इस दौरान उन्होंने हार की वजह तलाशी और समीक्षा की. कैसे और क्यों हारे, इस पर बात हुई. इसके साथ ही मायावती ने ईवीएम को लेकर भी बातचीत की. बता दें कि लोकसभा चुनाव में सपा के साथ गठबंधन के बावजूद पार्टी को उम्मीद के मुताबिक परिणाम नहीं मिल सके. सोलहवीं लोकसभा के चुनाव में एक भी सीट जीतने में नाकाम रही बसपा को हाल ही में संपन्न हुये चुनाव में उत्तर प्रदेश से महज 10 सीटों पर जीत हासिल हो सकी है. Also Read - Shivpal Singh Yadav: नेताजी की सेक्योरिटी का जिम्मा संभालकर अपने लिए तैयार किए राजनीतिक जमीन

चुनाव में पार्टी के खराब प्रदर्शन से नाराज मायावती ने शनिवार को पिछली बैठक में दो राज्यों, मध्य प्रदेश और दिल्ली के बसपा अध्यक्षों सहित छह राज्यों के पार्टी प्रभारियों को पद से हटा दिया था. इनमें कुशवाहा भी शामिल हैं. उन्हें उत्तराखंड के प्रभारी पद से हटा कर मायावती ने एमएल तोमर को राज्य का नया प्रभारी बनाया है. सूत्रों के अनुसार, बसपा प्रमुख लोकसभा चुनाव परिणाम के आधार पर उत्तर प्रदेश की सभी 80 सीटों पर प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में पार्टी के प्रदर्शन की जिलेवार समीक्षा कर रही हैं. इसके आधार पर जोनल कोऑर्डीनेटर और जिला अध्यक्षों की जिम्मेदारी तय की जायेगी. बसपा के उत्तर प्रदेश में 19 विधायक हैं.

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