जयपुरः राजस्थान में बसपा प्रमुख मायावती को बड़ा झटका लगा है. बहुजन समाज पार्टी के सभी छह विधायकों ने सोमवार रात अपनी पार्टी का राज्य में सत्तारूढ़ कांग्रेस में विलय करने के लिए एक पत्र राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष को सौंप दिया. पत्र में बहुजन समाज पार्टी (बसपा) विधायकों ने कहा है कि वे अपनी पार्टी का कांग्रेस में विलय कर रहे है. विधानसभा अध्यक्ष सीपी जोशी ने बताया कि ‘बसपा विधायकों ने उनसे मुलाकात की और विलय के बारे में एक पत्र उन्हें सौंपा.’ बसपा के छह विधायकों में राजेंद्र सिंह गुढ़ा, जोगेंद्र सिंह अवाना, वाजिब अली, लखन सिंह मीणा, संदीप यादव और दीपचंद शामिल हैं. Also Read - सचिन पायलट को पद से हटाना पड़ सकता है अशोक गहलोत को भारी, लेकिन कांग्रेस के पास हैं ये 5 विकल्प

बसपा विधायकों के कांग्रेस में विलय से प्रदेश की अशोक गहलोत सरकार और अधिक मजबूत और स्थिर हो जाएगी. कांग्रेस के एक नेता ने कहा, बसपा के सभी छह विधायक मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के लगातार संपर्क में थे और आज वे कांग्रेस के पाले में आ गए. प्रदेश की 200 सीटों वाली विधानसभा में अभी कांग्रेस के 100 विधायक हैं और उसके सहयोगी राष्ट्रीय लोकदल (रालोद) के पास एक विधायक है. Also Read - अशोक गहलोत के पास सरकार बचाने के हैं मात्र 5 विकल्प, आखिर कैसे बचेगी राजस्थान की कांग्रेस सरकार

सत्ताधारी कांग्रेस पार्टी को 13 निर्दलीय विधायकों में से 12 का बाहर से समर्थन प्राप्त है जबकि दो सीटें खाली हैं. राज्य में 2009 में भी अशोक गहलोत के पहले कार्यकाल के दौरान, बसपा के सभी छह विधायकों ने कांग्रेस का दामन थामा था और तत्कालीन कांग्रेस सरकार को स्थिर बनाया था. उस समय सरकार स्पष्ट बहुमत से पांच कम थी. Also Read - Political Crisis in Rajasthan Update: भाजपा में शामिल होेने के सवाल पर पहली बार बोले सचिन पायलट, कही ये बात

(इनपुट भाषा)