Also Read - MP Bypolls: कमलनाथ ने BJP की महिला प्रत्याशी को कहा 'आइटम' तो भड़कीं मायावती, कांग्रेस से की यह मांग...

लखनऊ, 4 जनवरी । बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के सांसद जुगल किशोर ने बिहार व दिल्ली प्रदेश प्रभारी पद से शनिवार को हटाए जाने के बाद रविवार को अपनी जुबान खोली। उन्होंने भारी मन से कहा, “हमारी राष्ट्रीय अध्यक्ष महज दौलत की बेटी बनकर रह गई हैं।” पार्टी के बिहार और दिल्ली के सहप्रभारी अमित तिवारी ने भी कुछ इसी अंदाज में बसपा प्रमुख मायावती पर हमला बोलते हुए समर्थकों सहित पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा देने का ऐलान किया। सांसद जुगल किशोर हालांकि कड़वे बोल बोलकर रह गए। उन्होंने पार्टी से इस्तीफा नहीं दिया है। बताया जा रहा है उन्हें अंदेशा है कि इस्तीफा देने से उनकी राज्यसभा सदस्यता खतरे में पड़ सकती है। Also Read - बसपा प्रमुख मायावती ने कहा- रवैया बदले योगी सरकार, वरना...

जुगल किशोर ने मायावती पर पार्टी संगठन के कामकाज और समर्पित कार्यकर्ताओं पर भरोसा करने के बजाय ‘पैसे और पैसे वालों’ को तरजीह देने का आरोप लगाया।  उन्होंने मीडिया को जारी अपने बयान में मायावती पर दलित की बेटी न होकर ‘दौलत की बेटी’ होने का आरोप भी लगाया। उन्होंने कहा, “आज पार्टी में कांशीराम के सपनों पर ग्रहण लगने लगा है और इस वजह से न सिर्फ मेरा, बल्कि बहुजन समाज के मिशन में लगे तमाम लोगों का दम घुट रहा है।” Also Read - हाथरस कांड पर जारी बवाल के बीच मायावती ने योगी आदित्यनाथ से इस्तीफा मांगा

सांसद ने कहा, “मैं जिस मिशन व विचारों से जुड़ा था, मायावती आज उसे बेच रही हैं। पार्टी में हर काम पैसा लेकर किया जा रहा है, हर राजनीतिक काम का दाम तय हो गया है।” बसपा सांसद ने मायावती की नाराजगी का राज खोला। उन्होंने कहा कि उनसे कुछ विधायकों व पार्टी प्रत्याशियों ने शिकायत की थी कि टिकट के लिए पैसा मांगा जा रहा है। पहले तो उन्हें यकीन ही नहीं हुआ। जब उन्होंने पार्टी मुखिया से इस बारे में बात की और उन्हें पार्टी का ग्राफ गिरने और मिशन से भटकने की हकीकत बताई, तो वह नाराज हो गईं और उन्हें पार्टी के सारे पदों से मुक्त कर दिया।

यानी सच बोलना जुगल किशोर को महंगा पड़ा। मगर वह मायूस नहीं हैं। हिम्मत दिखाते हुए उन्होंने पार्टी के लोगों से मूल उद्देश्यों पर काम करने के लिए मायावती पर दबाव बनाने की अपील की है। उनके समर्थक और यूपी व बिहार के सहप्रभारी अमित तिवारी ने कहा कि पार्टी मुखिया ने शनिवार को लखनऊ स्थित अपने आवास पर संवाददाता सम्मेलन बुलाकर महामना पं. मदन मोहन मालवीय व पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को भारतरत्न दिए जाने की आलोचना जाति के आधार पर की, जो बेहद निंदनीय है।

बहुजन समाज पार्टी में ‘सर्वजन’ का प्रतिनिधित्व करने वाले तिवारी ने हिम्मत दिखाई। उन्होंने कहा कि सांसद जुगल किशोर के साथ जैसा व्यवहार हुआ है, वह निंदनीय है। इसके विरोध में वह समर्थकों सहित बिहार एवं दिल्ली सहप्रभारी के पद व पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे रहे हैं।