बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने शनिवार को विरोधियों के इस बयान को खारिज किया कि बसपा का जनाधार लगातार खिसकता जा रहा है। उन्होंने कहा कि बसपा लगातार मजबूत होती चली जा रही है, कोई कुछ कर ले, बसपा के जनाधार पर रत्तीभर भी असर पड़ने वाला नहीं है। Also Read - Ambedkar Jayanti 2021: BSP सुप्रीमो मायावती की मांग, कहा-पलायन कर रहे मजदूरों के रहने खाना और वैक्सीनेशन की मुफ्त व्यवस्था करे सरकार

Also Read - LIVE: UP Police की टीम मुख्तार अंसारी को लेकर बांदा जेल के लिए रवाना, एंबुलेंस बैठा नजर आया बाहुबली

बसपा अध्यक्ष ने अपने बयान में कहा कि बसपा एक राजनीतिक पार्टी के साथ-साथ देश में सामाजिक परिवर्तन का एक मूवमेंट भी है। इसी कारण पार्टी का टिकट बांटने में पार्टी नेतृत्व को मूवमेंट से संबंधित बहुत सारी बातों का ख्याल रखना पड़ता है। इस क्रम में कई वर्तमान विधायकों व सांसदों का टिकट काटने की मजबूरी हो जाती है। Also Read - राजस्थान: बसपा विधायकों के कांग्रेस में विलय पर विधानसभा अध्यक्ष को हाईकोर्ट का नोटिस

माया ने कहा कि विधानसभा चुनाव नजदीक होने के नाते काफी सोच-विचार के बाद ही लोगों को पार्टी का टिकट दिया जा रहा है। लगभग एक दर्जन पार्टी विधायकों का टिकट काट भी दिया गया है। यह भी पढ़ें: रैली के दौरान तिलमिलायी मायावती ये क्या कह गई प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के बारे में

उन्होंने कहा कि तीन महीने पहले वर्तमान विधायकों के काटे गए टिकटों का आधार उनके क्षेत्र से, उनके कार्यों व सर्वसमाज को पार्टी से जोड़ने की उनकी गतिविधियों के संबंध में संतोषजनक रिपोर्ट का न मिलना है।

मायावती ने कहा कि मिशनरी लोग टिकट काटे जाने के बाद भी पार्टी में ही बने रहेंगे। लेकिन यदि वे लोग टिकट के स्वार्थ में किसी विरोधी पार्टी में जाते हैं तो इससे बसपा के लगातार बढ़ रहे जनाधार पर रत्तीभर भी असर पड़ने वाला नहीं है। यह भी पढ़ें: मायावती ने दलित अत्याचार के लिए भाजपा और संघ को ज़िम्मेदार ठहराया

उन्होंने कहा कि ऐसे लोगों को भाजपा अपनी पार्टी में शामिल कराती है तो इससे भाजपा की उत्तर प्रदेश में आमधारणा के अनुसार खराब हालत का ही पदार्फाश होता है।

मायावती ने भाजपा पर केंद्र की सत्ता के दुरुपयोग का आरोप लगाते हुए कहा कि यह पार्टी दूसरी पार्टियों के लोगों को तोड़कर या बसपा से निकाले गए लोगों को प्राथमिकता से टिकट दे रही है।