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नई दिल्ली। वित्त मंत्री अरूण जेटली ने आम चुनाव से पहले अपने अंतिम पूर्ण बजट को आज खेती-बाड़ी, गांवों व गरीब-गुरबों पर केंद्रित रखा. बजट में ग्रामीण विकास, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसे सामाजिक क्षेत्रों के लिए आवंटन बढ़ाने के साथ लघु उद्योगों के लिये अनेक पहल और कई रियायतों की घोषणा की गई. लेकिन जेटली ने एक हाथ से तोहफा देकर दूसरे हाथ से उसे वापस ले लिया. जेटली  ने स्टैंडर्ड डिडक्शन से 40 हजार घटा तो दिया लेकिन आयकर में सेस 3 फीसदी से बढ़ाकर 4 फीसदी कर दिया.  

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लोकसभा में लगातार पांचवां बजट पेश करते हुए जेटली ने आयकर की दरों और स्लैब में कोई बदलाव किए बिना वेतनभोगियों और पेंशनभोगियों को 40,000 रुपये की मानक कटौती (स्टैंडर्ड डिडक्शन) देने की घोषणा की है. लेकिन इस कटौती के बाद इस समय वेतन के साथ मिलने वाले परिवहन और सामान्य चिकित्सा भत्ते पर कर की छूट खत्म हो जाएगी.

फिलहाल 19,200 रुपये तक के परिवहन भत्ते और 15,000 रुपये तक के मेडिकल खर्च पर कोई टैक्स नहीं लगता. इसके बदले 40,000 रुपये की मानक कटौती (स्टैंडर्ड डिडक्शन) की छूट मिलेगी. स्वास्थ्य और शिक्षा उपकर (सेस) में वृद्धि को देखते हुए इसका मतलब है कि कर बचत के लिहाज से थोड़ा सा फायदा होगा. मानक कटौती से सरकार को अनुमानित 8,000 करोड़ रुपये के वार्षिक राजस्व का  नुकसान होगा. लेकिन सेस लगाने से 11 हजार करोड़ आ भी जाएंगे. यानि जेटली ने एक हाथ से दिया तो दूसरे हाथ से ले भी लिया. 

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जेटली ने वेतनभोगी वर्ग के लिए आयकर में एक दशक बाद मानक कटौती का लाभ फिर देते हुए इसके साथ कुछ शर्तें जोड़ दी हैं. इसके अलावा बजट में मध्यम वर्ग को रिझाने वाली कोई बड़ी घोषणा नहीं है. आयकर और कार्पोरेट कर पर स्वास्थ्य और शिक्षा उपकर की दर तीन प्रतिशत से बढ़ा कर चार प्रतिशत कर दी है.

भाजपा नीत एनडीए सरकार का कार्यकाल अगले साल समाप्त हो रहा है और इसके पहले इस साल कुछ बड़े राज्यों में विधान सभा चुनाव भी होने जा रहे हैं. चुनाव यदि अगले साल अप्रैल में होते हैं तो यह सरकार एक लेखानुदान बजट सकती है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बजट में शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि और लघु उद्यमों आदि के लिए किए गए प्रावधानों को दूरगामी लाभ वाले कदम बताते हुए इसका स्वागत किया. उन्होंने कहा कि यह ‘आम लोगों के जीवन को और सरल बनाने वाला बजट है. इससे हमारा भरोसा और बढ़ा है कि अर्थव्यवस्था और मजबूत होगी. उन्होंने वित्त मंत्री जेटली और उनकी टीम को इस अच्छे बजट के लिए बधाई दी.

(भाषा इनपुट)