नई दिल्ली: मौजूदा सरकार का आखिरी बजट पेश करते हुए वित्त मंत्री पीयूष गोयल ने शुक्रवार को कहा कि चालू वित्त वर्ष 2018-19 में राजकोषीय घाटा सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) का 3.4 प्रतिशत रहेगा. लोकसभा में वित्त वर्ष 2019-20 का बजट पेश करते हुए गोयल ने कहा कि चालू खाते का घाटा (कैड) इस साल जीडीपी का करीब ढाई प्रतिशत रहेगा. उन्होंने बताया कि पिछले पांच साल में देश में 239 अरब डॉलर का प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) आया है.

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गोयल ने कहा, ‘‘हमने एफडीआई नियमों को उदार किया और स्वत: मंजूर मार्ग से अधिक निवेश की अनुमति दी है.’’ वित्त मंत्री ने कहा कि सरकार ने माल एवं सेवा कर (जीएसटी) को लागू कर व्यवस्था में एक बड़ा सुधार आगे बढ़ाया है. गोयल ने कहा कि यदि मुद्रास्फीति को नियंत्रित नहीं किया जाता तो हमारे परिवारों को रोजमर्रा के इस्तेमाल के सामान पर 35 से 40 प्रतिशत अधिक खर्च करना पड़ता.