नई दिल्ली: मौजूदा सरकार का आखिरी बजट पेश करते हुए वित्त मंत्री पीयूष गोयल ने शुक्रवार को कहा कि पिछले पांच साल में देश को 239 अरब डॉलर का प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) मिला. वित्त वर्ष 2019-20 का बजट भाषण पढ़ते हुए उन्होंने कहा कि इसकी अहम वजह देश में नियामकीय व्यवस्था का स्थिर और उम्मीद के मुताबिक रहना है. साथ ही अर्थव्यवस्था और मजबूत बुनियाद ने भी इसमें मदद की. Also Read - अमेरिकी कॉरपोरेट जगत ने भारतीय बजट को सराहा, कहा- ये ‘एप्पल’ जैसी कंपनियों के लिए अच्छा है

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गोयल ने कहा कि इस अवधि में एफडीआई नियमों को बड़े पैमाने पर उदार किया गया. हमने अधिकतर एफडीआई निवेश को स्वत: मंजूरी मार्ग से करने की अनुमति दी. सरकार ने रक्षा, एकल ब्रांड खुदरा, एयरलाइंस और खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र में एफडीआई नियमों को सुगम बनाया है. अधिकतर क्षेत्रों में अधिकतम विदेशी निवेश हुआ है. इनमें सेवा, कंप्यूटर सॉफ्टवेयर एवं हार्डवेयर, दूरसंचार शामिल हैं. वित्त मंत्री पीयूष गोयल ने बजट भाषण के दौरान बताया कि सरकार ने किसानों को राहत देने के लिए उन्हें 6 हजार सालाना की न्यूनतम आय देने की योजना भी पेश की है. वित्त मंत्री पीयूष गोयल ने शुक्रवार को 2019-20 का बजट पेश करते हुए ‘‘प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि’’ (प्रधानमंत्री किसान योजना) की घोषणा की. वित्त मंत्री पीयूष गोयल ने बृहस्पतिवार को लोक सभा में अंतरिम बजट पेश करते हुए कहा इस योजना से 12 करोड़ किसानों को लाभ मिलेगा. इसके तहत किसानों को हर साल 6,000 रुपये की सहायता प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) के जरिये किसानों के बैंक खाते में प्रदान की जाएगी. यह राशि उन्हें 2 -2 हजार रुपये की तीन किस्तों में दी जाएगी. पहली किस्त अगले महीने की 31 तारीख तक किसानों के खातों में डाल दी जाएगी.

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