नई दिल्ली: मौजूदा सरकार का आखिरी बजट पेश करते हुए शुक्रवार को वित्त मंत्री पियूष गोयल ने शहरी-ग्रामीण विभाजन को कम करने के की बात पर जोर देते हुए कहा कि देश के गरीबों का देश के संसाधनों पर पहला अधिकार है. गोयल ने लोकसभा में 2019-20 के लिए बजट पेश करते हुए कहा, “हम ‘गांव की आत्मा’ को संरक्षित रखते हुए ग्रामीण क्षेत्रों में शहरी सुविधाएं प्रदान करने की योजना बना रहे हैं.” Also Read - PM Kisan Yojana: 14 मई को आएगी पीएम किसान की 8वीं किस्त, लिस्ट में ऐसे देखें अपना नाम

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उन्होंने आगे कहा कि सरकार ने शहरी-ग्रामीण विभाजन को खत्म करने के लिए काम किया है और “गरीबों का देश के संसाधनों पर पहला अधिकार है.” सरकार की उपलब्धियों को उभारते हुए और स्वच्छ भारत मिशन की सफलता का उल्लेख करते हुए, गोयल ने कहा कि भारत ने 98 प्रतिशत से अधिक ग्रामीणों को स्वच्छता कवरेज के दायरे में लाया गया है तथा लगभग 5.4 लाख गांवों को खुले में शौच मुक्त बनाया गया है.

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