रांची: झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने शनिवार को दावा किया कि केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा संसद में पेश किया गया केंद्रीय बजट पूंजीपतियों और बड़े उद्योगपतियों के लिए तैयार किया गया था. सोरेन ने कहा कि उन्होंने हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से झारखंड में एक जनजातीय विश्वविद्यालय खोलने का आग्रह किया था लेकिन बजट में केवल एक जनजातीय संग्रहालय का उल्लेख है. Also Read - झारखंड: सीएम की विधानसभा में घोषणा, प्राइवेट जॉब में स्थानीय लोगों को रिजर्वेशन और बेरोजगारों को मिलेगा 5 हजार भत्ता

उन्होंने कहा, “मैंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भेंट कर झारखंड के लिए एक जनजातीय विश्वविद्यालय का अनुरोध किया था. लेकिन बजट में एक जनजातीय संग्रहालय खोलने का उल्लेख है… एक बार फिर जनजातीय लोगों को छला गया है.” सोरेन ने आरोप लगाया कि बजट गरीबों, किसानों, मजदूरों और बेरोजगारों को परेशान करने वाला है. Also Read - Jharkhand Budget 2021-22: झारखंड का 91,270 करोड़ रुपये का बजट पेश, किसानों की कर्ज माफी के लिए 1200 करोड़

Budget 2020 : G-20 के ऐतिहासिक आयोजन के लिए 100 करोड़ रुपये खर्च करेगा भारत Also Read - Budget 2021 Update: किसानों के लिए किया गया बड़ा ऐलान, अब लागत से डेढ़ गुना ज्यादा मिलेगी MSP

उन्होंने कहा, “अर्थशास्त्री बजट का विश्लेषण कर रहे हैं और उनके विश्लेषण के बाद ही यह पता लग पाएगा कि इस बजट से देश की प्रगति में कितनी मदद मिलेगी, यह किस प्रकार हमारी वित्तीय व्यवस्था में मदद करेगा और किस हद तक लोगों की अपेक्षाओं पर खरा उतरेगा. लेकिन प्रथम दृष्टया केंद्रीय बजट दूरदृष्टि वाला नहीं है.”

सोरेन ने यहां संवाददाताओं से कहा, “केंद्रीय बजट पूंजीपतियों और बड़े उद्योगपतियों को ध्यान में रख कर बनाया गया है. बजट के द्वारा कर चोरी करने वाले बड़े उद्योगपतियों को राहत देने का प्रयास किया गया है. अब उन्हें कर चोरी करने पर कोई जुर्माना नहीं भरना होगा.”

कांग्रेस पार्टी ने LIC को बेचे जाने पर जताई नाराजगी, कहा- इससे लोगों की जमा पूंजी होगी खतरे में

वहीं दूसरी तरफ समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने बजट को दिशाहीन बताते हुए कहा है कि वित्त मंत्री ने इस दशक का पहला दिवालिया बजट पेश किया है. अखिलेश ने शनिवार को लोकसभा में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा बजट पेश किए जाने के बाद संसद भवन परिसर में बजट पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि हमें उम्मीद नहीं है कि इस बजट से किसानों के जीवन में कोई बदलाव आएगा, गरीब के परिवार में कोई खुशहाली आएगी.

इनपुट-भाषा