नई दिल्ली: बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के सांसद और पैरोल पर रिहा अतुल कुमार सिंह ने शुक्रवार को बजट सत्र 2020 शुरू होने पर लोकसभा सदस्य के रूप में शपथ ली. सिंह को अतुल राय के नाम से भी जाना जाता है. वह आम चुनाव के बाद से अभी तक शपथ नहीं ले सके थे, क्योंकि उन्हें पिछले साल जून में एक महिला द्वारा दुष्कर्म के आरोपों के कारण जेल में डाल दिया गया था. महिला का आरोप है कि उसके साथ राय ने बार-बार दुष्कर्म किया और उन्होंने उसका वीडियो बनाकर उसे धमकी भी दी.

सुप्रीम कोर्ट द्वारा पैरोल की अनुमति मिलने के बाद उन्होंने लोकसभा में शपथ ली. उत्तर प्रदेश पुलिस द्वारा सिंह के खिलाफ हवाईअड्डों पर लुकआउट अलर्ट जारी करने के बाद उन्होंने पिछले साल जून में समर्पण कर दिया था. इसके बाद उत्तर प्रदेश में घोसी लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र से नवनिर्वाचित सांसद को जेल भेज दिया गया था. उस समय खबरें आई थीं कि वह मलेशिया जाने की तैयारी में हैं. सांसद ने 22 जून को समर्पण कर दिया, क्योंकि इलाहाबाद हाईकोर्ट ने उनकी गिरफ्तारी पर रोक लगाने से इनकार कर दिया था. उनके वकील ने अदालत में दलील दी कि चुनाव के बाद से उन्होंने शपथ ग्रहण नहीं की है, जिसके बाद इलाहाबाद हाईकोर्ट ने उन्हें संसद में शपथ ग्रहण करने के लिए दो दिन की पैरोल दे दी.

इसी अदालत ने पहले उनकी जमानत खारिज कर दी थी. सिंह गुरुवार को पुलिस की हिरासत में दिल्ली पहुंचे और वह शुक्रवार को फिर जेल लौट जाएंगे. लोकसभा चुनाव के दौरान सिंह पर आरोप सामने आए थे, लेकिन घोसी संसदीय सीट से उन्होंने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के उम्मीदवार हरिनारायण राजभर को 1,22,568 मतों के अंतर से हराया था. उनकी पार्टी की मुखिया मायावती और समाजवादी पार्टी (सपा) के अखिलेश यादव दोनों ने उनके लिए चुनाव प्रचार भी किया था.

मायावती ने आरोप लगाया है कि सिंह भाजपा द्वारा एक साजिश का शिकार हैं.