नई दिल्ली. राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने सोमवार को संसद में अभिभाषण दिया. राष्ट्रपति ने अपने संबोधन में केंद्र सरकार के काम-काज और योजनाओं का लेखा जोखा प्रस्तुत किया. राष्ट्रपति ने किसानों, गरीबों, छात्रों, अल्पसंख्यकों, महिलाओं से लेकर समाज के हर तबके से जुड़ी योजनाओं की बात की. राष्ट्रपति के संबोधन से जुड़ी एक एक बातें विस्तृत रूप से जानिए-

बेटी पढ़ाओ-बेटी बचाओ
बेटियों के साथ भेदभाव खत्म करने के लिए मेरी सरकार ने ‘बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ’ योजना शुरू की थी. इस योजना के सकारात्मक परिणाम को देखते हुए अब इसका दायरा 161 जिलों से बढ़ाकर 640 जिलों तक कर दिया गया है. सरकार ने Maternity Benefit Act में बदलाव करके एक बड़ा कदम उठाया है. महिलाओं को 12 सप्ताह के स्थान पर वेतन सहित, 26 सप्ताह की छुट्टी देने का प्रावधान किया गया है. अब कामकाजी महिलाओं को अपने नवजात शिशुओं की देखभाल के लिए अधिक समय मिला करेगा.

मेरी सरकार ने तीन तलाक के संबंध में एक विधेयक संसद में प्रस्तुत किया है. मैं आशा करता हूं कि संसद शीघ्र ही इसे कानूनी रूप देगी. तीन तलाक पर कानून बनने के बाद मुस्लिम बहन-बेटियां भी आत्मसम्मान के साथ भयमुक्त जीवन जी सकेंगी. मुस्लिम महिलाओं का सम्मान कई दशकों तक राजनीतिक लाभ-हानि का बंधक रहा. अब देश को उन्हें इस स्थिति से मुक्ति दिलाने का अवसर मिला है.

गरीब महिलाओं को ‘प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना’ ने सुविधा संपन्न महिलाओं से बराबरी करने का अवसर दिया है और सामाजिक न्याय के एक अनदेखे पक्ष का समाधान किया है. अब तक इस योजना के तहत 3 करोड़ 30 लाख से ज्यादा गैस कनेक्शन दिए जा चुके हैं.

31 करोड़ गरीबों के बैंक खाते
‘जनधन योजना’ के तहत अब तक लगभग 31 करोड़ गरीबों के बैंक खाते खोले जा चुके हैं. इस योजना के शुरू होने से पहले, देश में महिलाओं के बचत खातों की संख्या लगभग 28 प्रतिशत थी जो अब बढ़कर 40 प्रतिशत से भी अधिक हो गई है. राष्ट्रपति कोविन्द मेरी सरकार ने गरीबों और मध्यम वर्ग के लिए, विशेषकर स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए, बिना बैंक गारंटी कर्ज देने पर जोर दिया है. अब लोग अपना उद्यम चलाने के सपने को साकार करने के लिए आसानी से कर्ज ले पा रहे हैं.

‘प्रधानमंत्री मुद्रा योजना’ के तहत अब तक लगभग 10 करोड़ ऋण स्वीकृत किए गए हैं और 4 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा का कर्ज दिया गया है. लगभग 3 करोड़ लोग ऐसे हैं जिन्होंने पहली बार इस योजना का लाभ उठाया है और स्वरोजगार शुरू करने में सफल हुए हैं.

2022 तक दोगुनी होगी किसानों की आय
‘प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना’ के तहत किसानों को सस्ती और सरल बीमा सेवा उपलब्ध कराई जा रही हैं. वर्ष 2017 के दौरान, रबी और खरीफ की फसलों के लिए, 5 करोड़ 71 लाख किसानों को इस योजना के तहत सुरक्षा कवच प्रदान किया गया है. राष्ट्रपति कोविन्द मेरी सरकार की नीतियों की वजह से जहां एक तरफ यूरिया का उत्पादन बढ़ा है, वहीं 100% नीम कोटिंग के बाद यूरिया की कालाबाजारी भी रुकी है. गोरखपुर, बरौनी, सिंदरी, तालचेर और रामागुंडम में उर्वरक कारखानों को फिर से शुरू कराने की दिशा में तेजी से काम किया जा रहा है. राष्ट्रपति कोविन्द किसानों की आय बढ़ाने के लिए डेयरी सेक्टर में 11,000 करोड़ रुपए की ‘डेयरी प्रसंस्करण और अवसंरचना विकास निधि’ के द्वारा एक महत्त्वाकांक्षी योजना प्रारंभ की गई है.

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दशकों से लंबित 99 सिंचाई परियोजनाओं को पूरा करने का काम भी प्रगति पर है. दालों के लिए बनाई गई नई नीति की वजह से पिछले वर्ष की तुलना में दाल के उत्पादन में 38 प्रतिशत से अधिक की बढ़ोतरी हुई है, जो एक रिकॉर्ड है. राष्ट्रपति कोविन्द मेरी सरकार किसानों की आय को 2022 तक दोगुना करने के लिए प्रतिबद्ध है. किसानों को उनकी पैदावार की उचित कीमत मिल सके, इसके लिए देश की कृषि मंडियों को ऑनलाइन जोड़ने का कार्य जारी है, eNAM पर अब तक 36,000 करोड़ रुपये से अधिक की कृषि वस्तुओं का व्यापार किया जा चुका है.

सरकार की नीतियों और किसानों की कड़ी मेहनत का ही परिणाम है कि देश में 275 मिलियन टन से ज्यादा खाद्यान्न और लगभग 300 मिलियन टन फलों-सब्जियों का रिकॉर्ड उत्पादन हुआ है. किसानों की मुश्किलों का समाधान करना और उनके जीवन स्तर को ऊपर उठाना, मेरी सरकार की उच्च प्राथमिकता है. मेरी सरकार की योजनाएं न केवल किसानों की चिंता कम कर रही हैं बल्कि खेती पर होने वाले उनके खर्च को भी घटा रही हैं.

90 पैसे प्रतिदिन के प्रीमियम पर बीमा
बुजुर्गों की सामाजिक सुरक्षा के लिए भी मेरी सरकार वचनबद्ध है. ‘अटल पेंशन योजना’ के तहत लगभग 80 लाख वरिष्ठ नागरिक लाभान्वित हो रहे हैं. मेरी सरकार ने गरीबों को एक रुपए प्रति महीना और 90 पैसे प्रतिदिन के प्रीमियम पर, बीमा योजनाएं सुलभ कराई हैं. अब तक 18 करोड़ से ज्यादा गरीब ‘प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना’ और ‘प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना’ से जुड़ चुके हैं.

4 करोड़ गरीबों को बिजली कनेक्शन
गरीबों के जीवन में उजाला फैलाने और उन्हें विकास की राह पर चलने के लिए समर्थ बनाने के लिए, मेरी सरकार ‘‘सौभाग्य’’ योजना के तहत 4 करोड़ गरीबों को बिजली कनेक्शन दे रही है. ‘भारत नेट परियोजना’ के तहत, देश की ढाई लाख ग्राम पंचायतों को ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी से जोड़ने का कार्य किया जा रहा है। पहले चरण में एक लाख से अधिक पंचायतों को जोड़ा जा चुका है. देशभर में लगभग 2 लाख 70 हजार कॉमन सर्विस सेंटर बनाए गए हैं, जो सस्ती दरों पर देश के दूर-दराज वाले इलाकों में भी विभिन्न सेवाओं की डिजिटल डिलिवरी कर रहे हैं.

गरीब, अल्पसंख्यक और पिछड़ों पर ध्यान
हर गरीब को भरपेट भोजन मिले, इसके लिए कानून के उद्देश्य को प्रभावी बनाना अनिवार्य है। National Food Security Act के तहत देश के सभी राज्यों में सस्ती दरों पर खाद्यान्न देने की व्यवस्था को पारदर्शी और लीकेज प्रूफ बनाया जा रहा है. समाज के प्रत्येग वर्ग की आकांक्षाओं के प्रति संवेदनशील मेरी सरकार ने ‘राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग’ को संवैधानिक दर्जा देने के लिए संविधान संशोधन विधेयक पेश किया है. हमारे देश में ढाई करोड़ से अधिक दिव्यांगजन हैं. सरकार ने ‘दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम 2016’ लागू किया है. दिव्यांगों के लिए सरकारी नौकरियों में 4 प्रतिशत और उच्च शिक्षा में 5 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान किया गया है.

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स्किल इंडिया
पिछले एक साल में 45 लाख से अधिक विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति, फेलोशिप, कौशल विकास और कोचिंग स्कीमों का लाभ दिया गया है. ‘सीखो और कमाओ’; ‘उस्ताद’; ‘गरीब नवाज कौशल विकास योजना’; ‘नई रोशनी’ आदि कार्यक्रमों के जरिए मुस्लिम, ईसाई, सिख, बौद्ध, पारसी एवं जैन समाज के युवाओं को रोजगार के अवसर प्रदान किए गए हैं.

हज यात्रा पर नई शुरुआत
महिलाओं के सशक्तिकरण के उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए, आजादी के बाद पहली बार पुरुष रिश्तेदारों के बिना, 45 साल से ज्यादा आयु की महिलाओं के हज पर जाने की पाबंदी हटा दी गई है. इस वर्ष 1,300 से ज्यादा महिलायें बिना मेहरम के हज पर जा रही हैं.

सभी को आवास
सभी के सिर पर छत हो, और उसे पानी-बिजली-शौचालय की सुविधा मिले, इस संवेदनशील सोच के साथ मेरी सरकार देश के हर आवासहीन गरीब परिवार को वर्ष 2022 तक घर उपलब्ध कराने के लक्ष्य पर काम कर रही है. पिछले साढ़े तीन वर्षों में शहरी और ग्रामीण इलाकों में 93 लाख से अधिक घरों का निर्माण किया गया है. ‘प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी’ के अंतर्गत गरीबों को घर बनाने के लिए ब्याज दर में 6 प्रतिशत की राहत दी जा रही है.

दवाएं सस्ती, मेडिकल व्यवस्था में भी सुधार
मेरी सरकार ने गरीब और मध्यम वर्ग के लोगों को स्वास्थ्य की बेहतर और सस्ती सुविधा के लिए नई ‘राष्ट्रीय स्वास्थ्य नीति’ बनाई है. ‘प्रधानमंत्री जन औषधि’ केन्द्रों के माध्यम से गरीबों को 800 तरह की दवाइयां सस्ती दरों पर दी जा रही हैं. इन केन्द्रों की संख्या 3,000 के पार पहुंच चुकी है. डॉक्टरों की उपलब्धता बढ़ाने के लिए एमबीबीएस की 13 हजार सीटें तथा पोस्ट ग्रैजुएट की 7,000 से अधिक सीटें मंजूर की गई हैं. चिकित्सा शिक्षा में गुणवत्ता और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए सरकार ने लोक सभा में ‘राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग विधेयक’ भी प्रस्तुत किया है. ‘दीनदयाल अमृत योजना’ के तहत 111 आउटलेट के माध्यम से 5,200 से अधिक जीवन-रक्षक ब्रांडेड दवाओं तथा सर्जिकल इम्प्लांट्स पर 60 प्रतिशत से 90 प्रतिशत तक की रियायत दी जा रही है.

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स्किल पर ध्यान, कर्मचारियों का भी ख्याल
मेरी सरकार ने श्रमिकों के न्यूनतम वेतन में 40 प्रतिशत से अधिक की बढ़ोतरी की है. श्रम कानूनों के पालन के लिए रजिस्टर की संख्या 56 से घटाकर 5 कर दी गई है. अब श्रम सुविधा पोर्टल पर सभी रिटर्न ऑनलाइन भरे जाते हैं. जो उद्योग या कंपनियां नौकरियों के नए अवसर सृजित कर रही हैं उन्हें ‘प्रधानमंत्री रोजगार प्रोत्साहन योजना’ के तहत आर्थिक मदद दी जा रही है. 20 लाख से ज्यादा लाभार्थी इस योजना से सहायता प्राप्त कर चुके हैं.

हमारा देश, दुनिया का सबसे युवा देश है. देश के युवा अपने सपने पूरे कर सकें, स्वरोजगार कर सकें, इसके लिए मेरी सरकार स्टार्ट अप इंडिया, स्टैंड अप इंडिया, स्किल इंडिया मिशन, मुद्रा योजना जैसे कार्यक्रम चला रही है. युवाओं के उज्ज्वल भविष्य के लिए सक्रिय मेरी सरकार देश में 20 ‘इंस्टीट्यूट्स ऑफ एमिनेन्स’ बनाने पर काम कर रही है. इस मिशन के तहत चुने हुए शिक्षण संस्थानों को 10,000 करोड़ रुपये की आर्थिक मदद दी जाएगी. मेरी सरकार द्वारा ‘अटल इनोवेशन मिशन’ के तहत 2,400 से ज्यादा ‘अटल टिन्करिन्ग लैब्स’ को स्वीकृति दी जा चुकी है ताकि बच्चों में छोटी उम्र से ही उद्यमिता और रचनात्मकता की नींव डाली जा सके.

आधार, डिजिटलीकरण और इसरो की बुलंदी
आधार द्वारा गरीब लाभार्थियों को उन्हें मिलने वाली सुविधाएं, बिना बिचौलियों के, सीधे पहुंच रहीं हैं. वर्तमान सरकार की 400 से अधिक योजनाओं में डिजिटल भुगतान किया जा रहा है. अब तक 57,000 करोड़ रुपये से ज्यादा की राशि गलत हाथों में जाने से बचाई गई है. डिजिटल लेन-देन को बढ़ावा देने में ‘भीम App’ बड़ी भूमिका निभा रहा है. हाल ही में लॉन्च किए गए ‘उमंग App’ द्वारा 100 से ज्यादा जनसुविधाओं को मोबाइल पर उपलब्ध कराया गया है. ‘प्रधानमंत्री ग्रामीण डिजिटल साक्षरता अभियान’ के अंतर्गत मेरी सरकार विश्व का सबसे बड़ा डिजिटल साक्षरता कार्यक्रम चला रही है. इस कार्यक्रम के तहत अभी तक एक करोड़ लोगों को डिजिटल रूप में साक्षर कर दिया गया है. भारत का महत्त्वाकांक्षी अंतरिक्ष कार्यक्रम, राष्ट्रीय विकास तथा क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय सहयोग की नित नई उपलब्धियां हासिल कर रहा है. दुनिया में पहली बार इसरो ने एक बार में 104 सैटेलाइटों को सफलतापूर्वक प्रक्षेपित किया.

मोबाइल क्रांति
इलेक्ट्रॉनिक्स निर्माण क्षेत्र में सराहनीय प्रयासों के कारण अब देश में 113 मोबाइल कंपनियां कार्यरत हैं, जिनकी संख्या 2014 में मात्र 2 थी. इससे देश के छोटे शहरों में भी हमारे युवाओं को रोजगार के नए अवसर मिल रहे हैं.

परिवहन पर तेजी से काम
सरकार ने राजमार्ग क्षेत्र के एक नए वृहद कार्यक्रम ‘भारतमाला’ को स्वीकृति दी है. इसके लिए 535,000 करोड़ रुपये की राशि का प्रावधान किया गया है. नेशनल कॉरिडोर एफिशिएंसी में वृद्धि करने के लिए लगभग 53,000 किलोमीटर लंबाई के राष्ट्रीय राजमार्ग चिह्नित किए गए हैं. मेरी सरकार ने मेट्रो परियोजनाओं के लिए भी एक नई नीति बनाई है. नई नीति में ‘लास्ट माइल कनेक्टिविटी’ पर जोर दिया गया है. देश में, अभी 11 शहरों में मेट्रो परियोजनाओं पर काम चल रहा है. रेलवे में क्षमता विकास और आधुनिकीकरण के लिए निवेश में निरंतर बढ़ोतरी की जा रही है. मेरी सरकार विश्वस्तरीय रेल सेवाओं के लिए वचनबद्ध है. मुंबई-अहमदाबाद हाई स्पीड बुलेट ट्रेन का कार्य भी प्रारंभ हो गया है. समाज के हर तबके तक विकास पहुंचाने की सोच के साथ, ‘प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना’ का कार्य तेजी से आगे बढ़ रहा है. 2014 में केवल 56 % गांव ही सड़क संपर्क से जुड़े थे. अब 82% से ज्यादा गांव सड़कों से जुड़ चुके हैं जिनमें से अधिकांश दूर-दराज इलाकों में हैं.

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आम हुआ हवाई सफर
स्वतन्त्रता के बाद देश में जहां केवल 76 हवाई अड्डे ही वाणिज्यिक उड़ानों से जुड़े थे वहीं ‘उड़ान’ योजना के मात्र 15 महीनों में 56 हवाई अड्डों और 31 हेलीपैडों को जोड़ने के लिए कार्य शुरू किया गया है. अब तक 16 ऐसे हवाई अड्डों से उड़ानें शुरू भी हो चुकी हैं. देश के छोटे शहर हवाई मार्ग से जुड़ सकें और निम्न मध्यम वर्ग, मध्यम वर्ग और युवा कम खर्च पर, आसानी से हवाई यात्रा का लाभ उठा सकें, इसके लिए ‘उड़े देश का आम नागरिक’ यानी, ‘उड़ान’ योजना शुरू की गई है.

बिजली सुधार
मेरी सरकार ने ‘वन नेशन वन ग्रिड’ का कार्य पूरा करके राज्यों को सस्ती दरों पर बिजली की उपलब्धता सुनिश्चित की है. देश के प्रत्येक गांव व कस्बे में विद्युत वितरण व्यवस्था मजबूत करने के लिए लगभग डेढ़ लाख करोड़ रुपये की योजनाएं लागू की गई हैं. पहली बार ऐसा अवसर आया है जब देश में बिजली क्षमता के विस्तार में लक्ष्य से अधिक बढ़ोतरी हुई है. अब भारत बिजली का नेट एक्सपोर्टर बन गया है. 18,000 गांवों तक बिजली पहुंचाने का कार्य भी पूर्णता की तरफ बढ़ रहा है.

पर्यावरण पर ध्यान
पर्यावरण की रक्षा के साथ ही देश में प्रतिवर्ष 10,000 करोड़ यूनिट बिजली की बचत भी हो रही है. पिछले तीन वर्षों में सौर ऊर्जा के उत्पादन में 7 गुना वृद्धि हुई है. ‘उजाला योजना’ के अंतर्गत देश मे 28 करोड़ से ज्यादा LED बल्ब वितरित किए जा चुके हैं. निजी क्षेत्र द्वारा भी 50 करोड़ से ज्यादा LED बल्ब की बिक्री की गई है. इससे गरीब और मध्यम वर्ग के बिजली बिल में सालाना 40,000 करोड़ रुपये से ज्यादा की बचत हो रही है.

उत्तर पूर्व
देश के प्रत्येक क्षेत्र तक विकास का लाभ पहुंचाने की दृष्टि के साथ, मेरी सरकार उत्तर-पूर्व के लोगों की आशाओं और आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए संवेदनशीलता के साथ कार्य कर रही है. मेरी सरकार द्वारा उत्तर-पूर्व में संपर्क मार्ग बढ़ाने पर भी पूरा जोर दिया जा रहा है. पिछले वर्ष देश के सबसे लंबे नदी पुल, ढोला-सादिया, को भी राष्ट्र को समर्पित किया गया है. इस पुल ने असम और अरुणाचल प्रदेश के बीच की दूरी 165 किलोमीटर कम कर दी है. पिछले तीन वर्षों में, पूर्वोत्तर राज्यों में विद्युत प्रसारण एवं वितरण नेटवर्क सुदृढ़ करने के लिए सरकार ने 10,000 करोड़ रुपये की योजना स्वीकृत की है.

आंतरिक सुरक्षा
जम्मू और कश्मीर के अंदरूनी इलाकों में आतंकवादी हिंसा, सीमा पार से होने वाली घुसपैठ से सीधे-सीधे जुड़ी हैं. हमारे सैन्य और अर्धसैन्य बल व जम्मू-कश्मीर पुलिस आपस में बेहतर तालमेल के साथ इस हिंसा का उपयुक्त जवाब दे रहे हैं. इसके लिए इन क्षेत्रों के जागरुक निवासी और हमारे सैन्य, अर्ध सैन्यबल और हमारे पुलिस बल बधाई के पात्र हैं. हम अपने उन सभी प्रहरियों की सराहना करते हैं और जो शहीद हुए हैं उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं. केंद्र सरकार और राज्य सरकारों के नियमित प्रयासों के कारण, देश की आंतरिक सुरक्षा में उल्लेखनीय सुधार हुआ है. पूर्वोत्तर में, सुरक्षा स्थिति में भी बदलाव आया है. नक्सली-माओवादी हिंसा की घटनाओं में भी कमी आई है.

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रक्षा और OROP
मेरी सरकार ने ‘वन रैंक वन पेंशन’ के अपने वचन को पूरा करते हुए 20 लाख से ज्यादा सेवानिवृत्त सैनिकों को 10,000 करोड़ रुपये से अधिक की बकाया राशि का भुगतान किया है. डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में स्ट्रैटिजिक पार्टनरशिप से संबंधित नीति को भी अंतिम रूप दे दिया गया है. इससे प्रमुख डिफेंस प्लेटफॉर्म्स और इक्विपमेंट्स के निर्माण में निजी क्षेत्र की अधिक से अधिक भागीदारी और रोजगार सृजन को बढ़ावा मिलेगा. हाल ही में मेरी सरकार ने पुलिस बलों के आधुनिकीकरण के लिए 18,000 करोड़ रुपये से ज्यादा की योजना को मंजूरी दी है.

दुनिया में बढ़ा भारत का प्रभाव
पिछले वर्ष Missile Technology Control Regime में शामिल होने के पश्चात् भारत को इस वर्ष Wassenar Arrangement और Australia Group में भी सदस्य के रूप मे शामिल किया गया है. यह सफलता लंबी जद्दोजहद के बाद मिली है और मेरी सरकार की एक महत्त्वपूर्ण उपलब्धि है. सरकार के राजनयिक प्रयासों के कारण, विश्व में भारत को नया सम्मान मिला है. International Tribunal for the Law of the Sea, International Maritime Organisation और Economic and Social Council में भारत को प्रतिनिधित्व मिला है. ICJ के चुनाव में भारत ने सफलता पाई है.

आज विश्व के किसी भी कोने में बसे सभी भारतीयों को यह भरोसा है कि वे कहीं भी संकट में पड़ेंगे तो उनकी सरकार उन्हें सुरक्षित निकालकर स्वदेश वापस ले आएगी. वर्ष 2014 के बाद से विदेश में संकट में फंसे 90,000 से अधिक भारतीयों को वापस लाया गया है. मानवता की सेवा, भारत की सांस्कृतिक विरासत का अभिन्न अंग रहा है. चाहे नेपाल में भूकंप हो या श्रीलंका में बाढ़ की आपदा, या मालद्वीप में पेयजल का संकट, इन्हीं मूल्यों के कारण भारत हमेशा फर्स्ट रेस्पॉन्डर के रूप में उपस्थित रहा है.

चाबहार पोर्ट
राष्ट्रपति ने कहा कि चाबहार पोर्ट का प्रारंभ होना एक ऐतिहासिक घटना है. इस पोर्ट के माध्यम से अफगानिस्तान को गेहूं की पहली खेप भेजी गई है. इस वर्ष भारत-अफगानिस्तान के बीच हवाई-गलियारे की शुरुआत भी हुई है, जिसमें माल-ढुलाई का कार्य शुरू हो गया है.

विकास दर
धीमी वैश्विक आर्थिक विकास दर के बावजूद, भारत की विकास दर प्रभावशाली रही है. अर्थव्यवस्था में, 2016-17 की पहली तिमाही से, जीडीपी विकास में अस्थायी मंदी रही. वर्ष 2017-18 की दूसरी तिमाही में इस गिरावट में बदलाव आया. पिछले साढ़े तीन वर्षों में मुद्रास्फीति की दर, करंट अकाउंट डेफिसिट और फिस्कल डेफिसिट औसतन कम हुए हैं.

RBI

बैंकिंग सिस्टम और GST
मेरी सरकार बैंकिंग व्यवस्था को मजबूत करने और उसमें पारदर्शिता लाने के लिए भी प्रतिबद्ध है. इसके लिए 2 लाख करोड़ रुपये से अधिक के पूंजी निवेश के साथ सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों का री-कैपिटलाइजेशन करने का निर्णय भी किया गया है. देश के आर्थिक एकीकरण के लिए, सरकार ने स्वतंत्रता के बाद का सबसे बड़ा टैक्स -सुधार, Goods and Services Tax के रूप में किया है. कीमतों के कम होने का लाभ उपभोक्ताओं तक पहुंच सके, इसके लिए मेरी सरकार द्वारा National Anti-Profiteering Authority का गठन भी किया गया है. वर्ष 2017 में विदेशी मुद्रा भंडार 410 बिलियन अमेरिकी डॉलर के स्तर से ऊपर चला गया. मेरी सरकार की प्रभावी नीतियों के कारण, प्रत्यक्ष विदेशी निवेश भी पिछले तीन वर्षों के दौरान 36 बिलियन अमेरिकी डॉलर से बढ़कर 60 बिलियन अमेरिकी डॉलर तक पहुंच गया है.

बिजनेस जगत पर फोकस
मेरी सरकार की कोशिशों के कारण ही तीन वर्षों में भारत, वर्ल्ड बैंक की Ease of Doing Business की रैंकिंग में 142 से 100वीं रैंक पर पहुंच गया है. इससे विश्व बाजार में देश की साख और बढ़ी है. राष्ट्रपति कोविंद ने कहा कि भ्रष्टाचार के खिलाफ हमारी लड़ाई जारी है. इसी कड़ी में पिछले एक वर्ष में लगभग 350,000 संदिग्ध कंपनियों का रजिस्ट्रेशन रद्द किया जा चुका है.