नई दिल्ली: बुलंदशहर हिंसा के आरोपी सैन्य कर्मी जितेंद्र मलिक उर्फ जीतू फौजी को हिरासत में लिए जाने के बीच सेना प्रमुख बिपिन रावत का बयान आया है. सेना प्रमुख बिपिन रावत ने कहा कि अगर जितेंद्र मलिक के खिलाफ कोई सुबूत पाया जाता है और अगर पुलिस उसे हिंसा में लिप्त पाती है तो वह पुलिस से पहले इस पर कार्रवाई करेंगे. सेना प्रमुख का कहना है कि ‘हम पुलिस का पूरी तरह से सहयोग करेंगे.’ बता दें कि बुलंदशहर पुलिस जितेंद्र हिरासत में लेने के लिए जम्मू-कश्मीर गई है.

बता दें कि उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर में गोलीबारी की घटना में कथित रूप से संलिप्त सैन्यकर्मी जितेंद्र मलिक को जम्मू-कश्मीर में हिरासत में ले लिया गया है. सेना सूत्रों ने इस बात की जानकारी दी. जितेंद्र मलिक उर्फ जीतू फौजी को सोपोर में 22 राष्ट्रीय राइफल्स द्वारा हिरासत में लिया गया है. उत्तर प्रदेश पुलिस के विशेष जांच दल (एसआईटी) उसे हिरासत में लेने के लिए देर शाम यहां पहुंच सकता है. पिछले सप्ताह बुलंदशहर में भीड़ द्वारा हुई हिंसा में पुलिस निरीक्षक सुबोध कुमार सिंह और सुमित कुमार की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. इसी मामले को लेकर उसे बुलंदशहर लाया जाएगा.

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हिंसा में इंस्पेक्टर की गई थी जान, आरोपी नंबर 11 है जीतू
बता दें कि यूपी के बुलंदशहर हिंसा में इंस्पेक्टर सुबोध कुमार की जान चली गई थी. तीन दिसंबर को हुई इस घटना में सुबोध गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. इस घटना के कुछ वीडियोज में चिंगरावटी गांव का ही रहने वाले जीतू फौजी दिख रहा है. उसे गोली चलाते देखा गया. इसके बाद पुलिस ने उसके खिलाफ भी मुकदमा दर्ज किया. वह इस मामले का 11वां आरोपी है. जीतू की गिरफ्तारी के लिए एक पुलिस की एक टीम जम्मू-कश्मीर भेजी गई. इससे पहले इस मामले में पांच और अभियुक्तों को गिरफ्तार कर लिया गया. पुलिस महानिरीक्षक (अपराध) एसके भगत ने बताया कि बुलंदशहर के स्याना में गत तीन दिसंबर को स्याना कोतवाली के पुलिस निरीक्षक सुबोध सिंह की हत्या के मामले में जीतू नामक सैन्यकर्मी नामजद अभियुक्त है.

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घटना में जीतू की क्या भूमिका थी यह विशेष जांच दल (एसआईटी) की तफ्तीश में पता चलेगा. इस मामले में अब तक कुल नौ अभियुक्तों को गिरफ्तार किया जा चुका है. उन्होंने बताया कि आज गिरफ्तार किए गए अभियुक्तों में कोई भी नामजद मुलजिम नहीं था. इन सबकी पहचान घटना के वीडियो फुटेज और चश्मदीदों की गवाही के आधार पर की गई है. गोकशी के मामले को लेकर उग्र भीड़ की हिंसा में थाना कोतवाली में तैनात इंस्पेक्टर सुबोध सिंह तथा सुमित नामक एक अन्य युवक की मृत्यु हो गई थी. इस मामले में 27 नामजद लोगों तथा 50-60 अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है.

20 की उम्र में सेना में हुआ था भर्ती
जीतू की उम्र इस समय 24 साल है. उसका कभी कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं रहा. इलाकों के अलग-अलग कॉलेज से 12वीं तक पढ़ाई के बाद कड़ी मेहनत के बल पर वह करीब चार साल पहले सेना में भर्ती हुआ. इसके बाद जीतू की छवि हीरो की बन गई. जीतू की नौकरी लगने के बाद शादी हुई और उसका 10 माह का बच्चा भी है. पुलिस के मुताबिक कई वीडियो में जीतू हिंसा स्थल पर दिख रहा है. उसके हाथ में तमंचा है, लेकिन गांव के लोगों को यकीन नहीं कि जीतू ने इंस्पेक्टर की जान ली होगी.

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मां बोली- बेटे को मार दूंगी गोली
गांव वालों की तरह जीतू की मां भी उसके निर्दोष होने को लेकर आश्वस्त हैं. उन्हें इंस्पेक्टर की जान जाने का दुःख है, लेकिन उनका जीतू ऐसा नहीं कर सकता है. वह कहती हैं कि अगर बेटे ने ऐसा किया हो उसे भी गोली मार दी जाए. वह खुद बेटे को गोली मार देंगी. उनका यह भी कहना है कि पुलिस उन्हें परेशान कर रही है. घर में उनकी बहु को परेशान किया जा रहा है. बार-बार जांच के नाम पर पुलिस घर आकर बदसुलूकी कर रही है. जीतू की मां को भी इंतजार है कि पुलिस जीतू को जम्मू कश्मीर से लेकर आएगी, तो वह उससे मिलकर पूछना चाहेंगी कि आखिर सच क्या है.