नई दिल्ली. यूपी के बुलंदशहर में हुई हिंसा के आरोपी आर्मी जवान जितेंद्र मलिक उर्फ जीतू फौजी को यूपी एसटीएफ की एक टीम ने शनिवार को जम्मू-कश्मीर के सोपोर से गिरफ्तार कर लिया. वह 22 राष्ट्रीय राइफल्स का हिस्सा है और जम्मू-कश्मीर के सोपोर में तैनात था. बता दें कि कथित गोकशी को लेकर बुलंदशहर में हुई हिंसा के आरोपियों में एक जीतू भी है.

बुलंदशहर हिंसा में यूपी पुलिस के इंस्पेक्टर सुबोध सिंह की मौत हुई थी. वहीं, एक प्रदर्शनकारी सुमित की भी जान चली गई थी. मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, सेना ने जीतू को शनिवार की सुबह ही हिरासत में ले लिया था. उसकी तलाश में पुलिस की एक स्पेशल टास्क फोर्स (STF) टीम जम्मू गई थी. STF की टीम शनिवार-रविवार की दरमियनी रात जीतू को लेकर मेरठ पहुंची और उसे स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) को सौंपा दिया. बता दें कि इससे पहले सेना प्रमुख बिपिन रावत ने कहा था कि अगर जितेंद्र मलिक के खिलाफ कोई सुबूत पाया जाता है और अगर पुलिस उसे हिंसा में लिप्त पाती है तो वह पुलिस से पहले इस पर कार्रवाई करेंगे. सेना प्रमुख का कहना है कि ‘हम पुलिस का पूरी तरह से सहयोग करेंगे.’

तीन दिसंबर को हुई थी हिंसा
तीन दिसंबर को हुई इस घटना में सुबोध गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. इस घटना के कुछ वीडियोज में चिंगरावटी गांव का ही रहने वाले जीतू फौजी दिख रहा है. उसे गोली चलाते देखा गया. इसके बाद पुलिस ने उसके खिलाफ भी मुकदमा दर्ज किया. वह इस मामले का 11वां आरोपी है. जीतू की गिरफ्तारी के लिए एक पुलिस की एक टीम जम्मू-कश्मीर भेजी गई. इससे पहले इस मामले में पांच और अभियुक्तों को गिरफ्तार कर लिया गया. पुलिस महानिरीक्षक (अपराध) एसके भगत ने बताया कि बुलंदशहर के स्याना में गत तीन दिसंबर को स्याना कोतवाली के पुलिस निरीक्षक सुबोध सिंह की हत्या के मामले में जीतू नामक सैन्यकर्मी नामजद अभियुक्त है.

20 की उम्र में सेना में हुआ था भर्ती
जीतू की उम्र इस समय 24 साल है. उसका कभी कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं रहा. इलाकों के अलग-अलग कॉलेज से 12वीं तक पढ़ाई के बाद कड़ी मेहनत के बल पर वह करीब चार साल पहले सेना में भर्ती हुआ. इसके बाद जीतू की छवि हीरो की बन गई. जीतू की नौकरी लगने के बाद शादी हुई और उसका 10 माह का बच्चा भी है. पुलिस के मुताबिक कई वीडियो में जीतू हिंसा स्थल पर दिख रहा है. उसके हाथ में तमंचा है, लेकिन गांव के लोगों को यकीन नहीं कि जीतू ने इंस्पेक्टर की जान ली होगी.

मां बोली- बेटे को मार दूंगी गोली
गांव वालों की तरह जीतू की मां भी उसके निर्दोष होने को लेकर आश्वस्त हैं. उन्हें इंस्पेक्टर की जान जाने का दुःख है, लेकिन उनका जीतू ऐसा नहीं कर सकता है. वह कहती हैं कि अगर बेटे ने ऐसा किया हो उसे भी गोली मार दी जाए. वह खुद बेटे को गोली मार देंगी. उनका यह भी कहना है कि पुलिस उन्हें परेशान कर रही है. घर में उनकी बहु को परेशान किया जा रहा है. बार-बार जांच के नाम पर पुलिस घर आकर बदसुलूकी कर रही है. जीतू की मां को भी इंतजार है कि पुलिस जीतू को जम्मू कश्मीर से लेकर आएगी, तो वह उससे मिलकर पूछना चाहेंगी कि आखिर सच क्या है.