मंगलुरू: पारंपरिक खेल प्रतियोगिता में 100 मीटर की दूरी 9.55 सेकेंड में पूरी करके चर्चा में आए कंबाला धावक श्रीनिवास गौड़ा बेंगलुरू स्थित भारतीय खेल प्राधिकरण (साइ) परिसर में प्रशिक्षण ले सकते हैं. गौड़ा को उनके प्रयास के कारण ‘कंबाला का उसैन बोल्ट’ कहा जाने लगा था. Also Read - SAI के ट्रॉयल में हिस्सा नहीं लेंगे 'उसेन बोल्ट का रिकॉर्ड' तोड़ने वाले श्रीनिवास गौड़ा

साइ के दक्षिण भारत के निदेशक अजय कुमार बहल की अगुवाई में अधिकारियों ने हाल में केरल के कासरगोड जिले के पैवालाइक में आयोजित अन्ना थम्मा कंबाला को देखा था और उन्होंने गौड़ा से बात करके उन्हें बेंगलुरू में प्रशिक्षण में भाग लेने के लिए आमंत्रित किया.

कंबाला अकादमी के समन्वयक गुणपाल कदंब ने बताया कि साइ के एथलेटिक कोच कुरियन पी मैथ्यू और हरीश भी चर्चा के दौरान उपस्थित थे. उन्होंने कहा कि गौड़ा को ट्रैक और एथलेटिक्स में दौड़ने का अनुभव नहीं है इसलिए अकादमी उन्हें शहर के मूदबिदरी के स्वराज मैदान और मंगला स्टेडियम में जूते पहनकर ट्रैक पर दौड़ने का शुरुआती प्रशिक्षण देगी.

गौड़ा को उनके प्रयास के कारण ‘कंबाला का उसैन बोल्ट’ कहा जाने लगा था. केंद्रीय खेल मंत्री किरन रीजीजू ने मीडिया के जरिये उनकी उपलब्धियों की जानकारी मिलने के बाद उन्हें साइ में प्रशिक्षण लेने के लिए आमंत्रित किया था.

गौड़ा पहले इसके लिए तैयार नहीं थे, क्योंकि वह दलदली खेतों और ट्रैक पर दौड़ने के अंतर को जानते हैं, लेकिन बाद में वह सहमत हो गए. वह कंबाला का वर्तमान सत्र समाप्त होने के बाद अप्रैल में साइ के बेंगलुरू स्थित केंद्र से जुड़ सकते हैं. वर्तमान सत्र में अभी तक वह रिकॉर्ड 39 पदक जीत चुके हैं.