बांदा: उत्तर प्रदेश के बांदा (Banda) जिले में धान की खरीदारी न होने से क्षुब्ध किसान अपनी भूख हड़ताल सोमवार को चौथे दिन भी करतल की गल्ला मंडी में जारी रखे हुए हैं. किसानों ने नरैनी-अजयगढ़ सड़क मार्ग को दोपहर में जाम करने की घोषणा कर रखी है. मंडी में अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल (Hunger Strike) पर बैठे बुंदेलखंड किसान यूनियन के अध्यक्ष विमल कुमार शर्मा ने बताया, “धान की खरीदारी न होने से क्षुब्ध किसान शुक्रवार से भूख हड़ताल पर हैं. यह भूख हड़ताल खरीद शुरू होने तक जारी रहेगी.” Also Read - बिग बॉस एक्स कंटेस्टेंट Chaitra Kotoor ने की सुसाइड की कोशिश, जिसपर भरोसा किया उसी ने...

बुंदेलखंड किसान यूनियन के अध्यक्ष विमल कुमार शर्मा ने कहा कि दोपहर में क्षेत्र के करीब एक हजार किसान करतल गल्ला मंडी के पास नरैनी-अजयगढ़ राजमार्ग को जाम करेंगे. शर्मा ने आरोप लगाया, “जिलाधिकारी कभी अरहर सम्मेलन और कभी किसान कार्यशाला आयोजित कर सरकारी धन का दुरुपयोग कर रहे हैं, जबकि सच यह है कि किसान कर्ज और मर्ज से परेशान होकर आत्महत्या करने को मजबूर हैं.” Also Read - मुख्तार अंसारी केस: लखनऊ से बांदा जेल की निगरानी कर रहे हैं डीजी आनंद कुमार, चप्पे-चप्पे पर है सीसीटीवी कैमरा

जिला विपणन अधिकारी गोविन्द उपाध्याय ने बताया कि रविवार को वह भूख हड़ताल पर बैठे किसानों के पास गए थे. उन्हें मनाने की कोशिश की, लेकिन किसान अड़े हुए हैं. उपाध्याय ने बताया कि जिलाधिकारी ने पत्र लिखकर शासन से पुन: सरकारी क्रय केंद्र खोले जाने की अनुमति मांगी है, और अनुमति मिलते ही धान की खरीद शुरू हो जाएगी. Also Read - LIVE: UP Police की टीम मुख्तार अंसारी को लेकर बांदा जेल के लिए रवाना, एंबुलेंस बैठा नजर आया बाहुबली

बता दें कि बुंदेलखंड में समस्याओं इतनी हैं कि किसी न किसी बात पर धरना प्रदर्शन चलता ही रहता है. बुंदेलखंड (Bundelkhand) किसान आत्महत्याओं के लिए भी जाना जाता है. कई सालों से लगातार सूखे के चलते यहां अक्सर फसल बर्बाद हो ही जाती है. ऐसे में किसान कर्ज में डूब जाते हैं और यही उनकी आत्महत्या का कारण बन जाता है. बुंदेलखंड को अलग-अलग सरकारों ने राहत पैकेज भी दिए लेकिन समस्या से निजात नहीं मिल सकी. स्थिति ये है कि बुंदलेखंड आज भी देश की सबसे पिछड़ी जगहों में शामिल है.