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बुराड़ी केस: पुलिस को मिला तीसरा रजिस्टर, किसी बाबा के शामिल होने से इंकार
पुलिस को इससे पहले मिले थे दो रजिस्टर, इनमें मोक्ष, तपस्या और शून्य की चर्चा.
नई दिल्ली: दिल्ली पुलिस ने एक परिवार के 11 सदस्यों की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मृत्यु के सिलसिले में उसके 20 रिश्तेदारों से पूछताछ की है और जांच में मनोचिकित्सक की सहायता ली जा सकती है. पुलिस ने किसी स्वयंभू बाबा की संलिप्तता से इनकार किया है. पुलिस ने एक तीसरा रजिस्टर बरामद किया है जिसके नोट्स ‘‘मोक्ष, शून्य और भगवान को रिझाने’’ के बारे में हैं.
तीसरे रजिस्टर में 2011 से लिखे नोट्स
पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि पुलिसकर्मियों ने परिवार के बड़े बेटे समेत 20 रिश्तेदारों से पूछताछ की है. पुलिस इस मामले के ‘‘साझा मनोविकृति’’ के आधार पर भी जांच कर रही है. इस बीच अपराध शाखा की टीम ने मंगलवार को फिर से मौके का निरीक्षण किया. टीम को एक रजिस्टर मिला जिसमें 2011 से प्रविष्टियां हैं.
डिलीवरी ब्वॉय, रिश्तेदारों से हुई पूछताछ
टीम ने इस परिवार को अंतिम बार जीवित देखने वाले डिलीवरी ब्वॉय से भी पूछताछ की. इन लोगों के फंदे पर लटकने से पहले 30 जून को इस ब्वॉय ने 20 रोटियां घर पहुंचाई थीं. परिवार के रिश्तेदारों के साथ बुराड़ी पुलिस स्टेशन में मंगलवार सुबह 10 बजे से पूछताछ शुरू हुई थी. इससे पहले पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि परिवार में साझा मनोविकृति के लक्षण दिखाई दिये. उन्होंने कहा कि साझा मनोविकृति का मतलब है कि भ्रमपूर्ण मान्यताओं को एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में प्रेषित किया जाता है. इस मामले में यह आशंका है कि ललित भाटिया (45) एक ऐसे व्यक्ति थे जिन्हें पिता की मृत्यु के बाद उनसे बात करने का भ्रम था. उसके विश्वास को परिवार के अन्य सदस्यों ने समर्थन भी दिया था.
पहले मिले दो रजिस्टर, ‘बड़ तपस्या’ के संकेत
11 लोगों की मौत से जुड़े रहस्य से पर्दा उठाने के प्रयास में जुटी पुलिस को नोट्स से संकेत मिले हैं कि हो सकता है कि भाटिया परिवार ‘‘बड़ तपस्या’’ करने का प्रयास कर रहा हो. पुलिस ने मंगलवार को बताया कि घर के अंदर एक मंदिर में मिले दो रजिस्टर में लिखे नोट्स में ‘मोक्ष, बड़ तपस्या और शून्य’ का जिक्र है. जांच से जुड़े एक अधिकारी ने कहा कि नोट्स में लिखा था कि अगर कोई कुछ खास रीतियों का पालन करता है तो उनकी समस्याएं सुलझती हैं और भगवान खुश होता है. ऐसा लगता है कि रीतियां गड़बड़ हो गयीं. नोट्स में जिक्र है कि स्टूल पर चढ़ने, चेहरे को ढकने, मुंह पर टेप लगाने और गले पर चुन्नी लपेटने के बाद कैसे नीचे उतरकर अन्य की मदद करनी है. नोट्स में अनुष्ठान शुरू होने से पहले जाप करने का तथा ‘शून्य’ के बारे में सोचने का जिक्र भी है ताकि उनके मन में अन्य विचार नहीं आये.
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