नई दिल्ली। जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ रही है बुराड़ी सामूहिक मौतों के मामले में कई नए तथ्य सामने आ रहे हैं. अब पता चला है कि परिवार ने हादसे की रात एक ढाबे से 20 रोटियां मंगवाई थीं. इस परिवार को मरने से पहले आखिरी बार होटल के डिलिवरी बॉय ऋषि ने देखा था जो रोटियां देने घर पहुंचा था. ऋषि ने बताया कि रात 10.30 बजे उन्होंने 20 रोटियों का ऑर्डर किया था. मैं रोटियां देने 10.45 बजे गया था. बेटी ने ऑर्डर लिया और अपने पिता से मुझे पैसा देने को कहा. सबकुछ सामान्य लग रहा था. Also Read - एनडी तिवारी के बेटे रोहित की हत्या में उसकी पत्नी अरेस्ट, जुर्म के पीछे ये हो सकती है वजह

फिर घर पर पहुंची जांच टीम

वहीं, इस मामले में पुलिस की जांच तो आगे बढ़ रही है लेकिन अब तक कोई ऐसा तथ्य सामने नहीं आया है जो इसे हत्या से जोड़ सके. आज क्राइम ब्रांच एक बार फिर बुराड़ी पहुंची और मौके का मुआयना किया. जांच टीम उस घर में गई जहां परिवार के 11 लोगों की रहस्यमयी मौत हुई थी. 10 लोग फंदे पर लटके हुए थे जबकि सबसे बुजुर्ग महिला फर्श पर पाई गई.

बहरहाल, अब तक इस मामले में कोई बड़ा ब्रेकथ्रू नहीं मिला है. पुलिस की जांच में अब तक यही सामने आ रहा है कि परिवार किसी खास धार्मिक अनुष्ठान में शामिल था और यही इनकी मौत की वजह बनी. घर से मिले नोट्स से भी यही बात साबित हो रही है. इनमें लिखा है कि किस तरह पूजा की जाए और परमात्मा के मिला जाए.

तांत्रिक या साधु की भूमिका हो सकती है

एक को छोड़कर बाकी सभी 10 मृतक छत से लटके पाए गए थे. अधिकांश मृतकों की आखों पर पट्टी बंधी थी और हाथ पीछे बंधे हुए थे. सबसे उम्रदराज नारायण देवी (77) का शव फर्श पर पड़ा था, जिसके गले पर निशान पाए गए हैं. पूजा स्थल के पास एक डायरी में मिले नोट से रहस्यवाद का संकेत मिलता है. इसमें अध्यामिकता, मोक्ष, रीति-रिवाज और पिछले महीने की कुछ तारीखों का जिक्र है.

बुराड़ी रहस्यमयी मौतें- रिश्तेदार ने बताया, क्यों लगे थे घर में 11 पाइप 

पूजा में इस्तेमाल घी और चावल जैसी सामग्री भी घर से बरामद हुई. पुलिस को संदेह है कि मौत के पीछे तांत्रिक या साधु की भूमिका हो सकती है. नोट में कुछ निर्देशों का जिक्र है, जिसमें कहा गया है-प्रत्येक व्यक्ति को सही तरीके से आंखों पर पट्टी बांध लेनी चाहिए, आंखों में सिर्फ परम स्थान दिखाई दे.

पूजा पाठ करने का जिक्र

नोट में लिखा है, श्रद्धा के साथ सात दिनों तक लगातार बरगद के वृक्ष की पूजा करें. अगर कोई घर आए तो यह कार्य अगले दिन करें. इसके लिए गुरुवार या रविवार का दिन चुनें. आगे लिखा है, अगर बुजुर्ग महिला (नारायण देवी) खड़ी नहीं हो सकती हैं तो वह दूसरे कमरे में लेट सकती हैं. अनुष्ठान के लिए मद्धिम प्रकाश का उपयोग करें. रात 12 बजे से एक बजे के बीच अनुष्ठान करें, ताकि कोई तुम्हें बाधा न पहुंचाए. जब तुम सब उस दौरान फांसी पर लटक जाओगे तो भगवान अचानक प्रकट होंगे और उसी क्षण तुम्हें बचा लेंगे.