नई दिल्ली: हिज्बुल मुजाहिदीन के कमांडर बुरहान वानी की बरसी के मौके पर कश्मीर में सुरक्षा कड़ी कर दी गई है. संवेदनशील जगहों पर अतिरिक्त सुरक्षा बलों को तैनात किया गया है. जम्मू कश्मीर प्रशासन ने बुरहान वानी की दूसरी बरसी पर अलगावादियों द्वारा बुलाई गई हड़ताल के मद्देनजर रविवार को एक दिन के लिए अमरनाथ यात्रा स्थगित कर दी है. एहतियात के तौर पर कश्मीर घाटी में मोबाइल इंटरनेट सेवा भी सस्पेंड कर दी गई है.हालांकि बीएसएनएल की ब्रॉडबैंड सेवा पर कोई रोक नहीं है.

अमरनाथ यात्रा रोकी
पुलिस महानिदेशक एस पी वैद्य ने शनिवार को बताया, आपको पता है कि जम्मू कश्मीर में कानून व्यवस्था की स्थिति अच्छी नहीं है और हमारा प्रयास तीर्थयात्रियों के लिए सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित करना है. रविवार को हड़ताल का आह्वान किया गया है ऐसे में हमें यात्रा रोकनी पड़ी. हमारा कर्तव्य तीर्थयात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है. वैद्य ने देशभर से इस अमरनाथ यात्रा के लिए आ रहे तीर्थयात्रियों के लिए किए गए इंतजामों की समीक्षा की.

एक पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि पुलिस महानिदेशक ने अन्य स्थानों के साथ जम्मू कश्मीर में प्रवेश के लिए द्वार समझे जाने वाले लखनपुर रिसेप्शन सेंटर पर सुरक्षा इंतजामों की समीक्षा की. वैद्य ने कहा कि यात्रियों की सुरक्षा और सुगमता हमारी शीर्ष प्राथमिकता है …. मेरी तीर्थयात्रियों से अपील है कि उन्हें घाटी की (कानून व्यवस्था की) स्थिति को ध्यान में रखकर हमारे साथ सहयोग करना चाहिए.

शनिवार को मारे गए थे तीन नागरिक
जम्मू-कश्मीर पुलिस ने बताया कि कुलगाम जिले में 3 आम नागरिकों की मौत के मद्देनजर कश्मीर घाटी इलाके में मोबाइल इंटरनेट सेवा निलंबित कर दी गई है. एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि कश्मीर घाटी में मोबाइल इंटरनेट सेवा सस्पेंड कर दी गई है, हालांकि बीएसएनएल लैंडलाइनों पर ब्रॉडबैंड सेवा काम करती रहेगी. एक सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि कुलगाम की घटना के बाद जम्मू-कश्मीर के राज्यपाल एन एन वोहरा ने कश्मीर घाटी की सुरक्षा स्थिति की समीक्षा की.

2016 में सुरक्षाबलों ने मार गिराया था
दक्षिण कश्मीर के अनंतनाग जिले के कोकरनाग इलाके में आठ जुलाई 2016 को हुई एक मुठभेड़ में सुरक्षाबलों ने त्राल के रहने वाले वानी को मार गिराया था. उसकी मौत के बाद घाटी में बड़े पैमाने पर हिंसक प्रदर्शन हुए थे और लंबे समय तक कर्फ्यू लगा रहा था. करीब चार महीने तक चले विरोध प्रदर्शनों के दौरान सुरक्षाबलों और प्रदर्शनकारियों के बीच हुई झड़पों में करीब 85 लोगों की जान गई थी.अधिकारी ने कहा कि समूची घाटी में संवेदनशील जगहों पर अतिरिक्त बलों को तैनात किया गया है.