बेंगलुरू: कर्नाटक के मुख्यमंत्री एच. डी. कुमारस्वामी और उनकी पत्नी अनीता कुमारस्वामी जब विधायक के तौर पर राज्य विधानसभा में प्रवेश करेंगे तो वे इतिहास रचेंगे. अनीता ने मंगलवार को रामनगर विधानसभा सीट से भाजपा के उम्मीदवार एल चंद्रशेखर को 1.09 लाख वोट से हराकर रिकॉर्ड जीत दर्ज की थी.

रामनगर सीट तब खाली हुई थी जब कुमारस्वामी ने चेन्नपटना सीट रखने का निर्णय किया था. कुमारस्वामी गत मई में हुए विधानसभा चुनाव में दो सीटों से जीते थे. चंद्रशेखर मुकाबले से हट गए थे और कांग्रेस में वापस चले गए थे लेकिन फिर भी तकनीकी तौर पर वह भाजपा के उम्मीदवार रहे.

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जदएस विधायक के. गोपालैयाह ने कहा, ‘‘यह एक दुर्लभ मौका होगा जब कोई मुख्यमंत्री अपनी पत्नी के साथ विधानसभा सौध में प्रवेश करेंगे. ऐसा कभी नहीं हुआ कि कोई मुख्यमंत्री और उसकी पत्नी एक साथ विधायक रहे हों.’’ उन्होंने यद्यपि कहा कि दोनों पहले भी साथ-साथ सदन के सदस्य रहे हैं. गोपालैयाह ने कहा, ‘‘कुमारस्वामी रामनगर से विधायक थे जबकि अनीता माधुगिरि सीट से विधायक थीं.’’

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जदएस अध्यक्ष एच डी देवेगौड़ा और उनके बेटे कुमारस्वामी ने उपचुनाव के लिए तारीख की घोषणा होने के बाद अनीता को मैदान में उतारने का निर्णय किया था. जरकीहोली और रेड्डी भाइयों के साथ में विधानसभा प्रवेश करने और बाद में मंत्री बनने के उदाहरण हैं. इसके साथ ही पिता-पुत्र एम कृष्णप्पा और प्रियकृष्ण, पिता-पुत्री एम रामलिंगा रेड्डी और एस रेड्डी के सदन में प्रवेश करने के उदाहरण हैं.  यह दुर्लभ मौका है जब कर्नाटक विधानसभा में कोई मुख्यमंत्री अपनी पत्नी के साथ सदन में प्रवेश करेंगे.