नई दिल्ली। उपचुनावों के नतीजों के बाद जेडीयू ने बीजेपी को आगाह किया और कहा कि उसे अधिक एकजुटता पर बल देना चाहिए और किसानों, दलितों और पेट्रोलियम उत्पादों के बढ़ते दामों जैसे मुद्दों पर चिंताओं का समाधान करना चाहिए. जेडीयू के प्रवक्ता के सी त्यागी ने कहा कि बीजेपी के लिए सबसे बड़ी चुनौती उत्तर प्रदेश में है जहां दो बड़े क्षेत्रीय दलों समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी के एक मंच पर आने से हाल के उपचुनावों में बीजेपी को शिकस्त का सामना करना पड़ा है. Also Read - सत्ता के लालची लोग महाराष्ट्र सरकार को अस्थिर करने की लगातार कोशिश कर रहे हैं : कांग्रेस

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यह पूछे जाने पर कि क्या उत्तर प्रदेश के चुनाव परिणाम जिन्ना पर गन्ना की जीत हैं, उन्होंने हां में जवाब दिया और कहा कि गन्ना किसानों के हजारों करोड़ रुपये बकाया हैं. त्यागी ने हालांकि इस बात को खारिज किया कि नीतीश कुमार के नेतृत्व वाली पार्टी एनडीए से अलग हो सकती है. उन्होंने विश्वास जताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृतव वाला गठबंधन 2019 के लोकसभा चुनावों में वापसी करेगा.

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आरजेडी सबसे भ्रष्ट, अराजक पार्टी

उन्होंने जेडीयू के पूर्व सहयोगी लालू प्रसाद के नेतृत्व वाले आरजेडी को भ्रष्ट और अराजकतावादी लोगों की पार्टी बताया. त्यागी ने बिहार के जोकीहाट में आरजेडी से अपनी पार्टी को मिली हार को कमतर करते हुए कहा कि सीट किसी पार्टी से संबंधित नहीं थी, लेकिन तस्लीमुद्दीन से जुड़ी थी (जिनका पिछले साल निधन हो गया), और उनके परिवार ने जिस दल का प्रतिनिधत्व किया, वह जीत गया.

एनडीए में एकजुटता की जरूरत

एनडीए के बारे में उन्होंने कहा कि बीजेपी को एनडीए में अधिक एकजुटता पर बल देने और सहयोगियों से चर्चा करने की जरूरत है. उन्होंने कहा कि जेडीयू इस संबंध में बीजेपी के प्रयासों में मदद करेगा. त्यागी ने कहा कि दलितों, किसानों और पेट्रोलियम उत्पादों के बढ़ते दामों से संबंधित मुद्दों को लेकर चिंताएं हैं और बीजेपी को इनका समाधान करने की आवश्यकता है.

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बीजेपी की करारी हार

बता दें की आज आए उपचुनाव नतीजों में बीजेपी को करारी हाल मिली है. 4 लोकसभा सीटों और 10 विधानसभा सीटों पर हुए उपचुनावों के नतीजों में विपक्ष भारतीय जनता पार्टी पर भारी पड़ा है. बीजेपी गठबंधन को कुल 14 सीटों में 11 पर करारी हार झेलनी पड़ी है. एक लोकसभा सीट पर बीजेपी ने जीत दर्ज की जबकि एक जगह उसका समर्थित उम्मीदवार जीता है. वहीं बाकी दो लोकसभा सीटों पर विपक्ष दल भारी पड़े हैं. ये दोनों सीटें बीजेपी ने अपने ही राज्य यूपी और महाराष्ट्र में गंवाए हैं. विधानसभा उपचुनाव में भी बीजेपी को करारी हार का सामना करना पड़ा है. कुल 10 सीटों में उसे सिर्फ उत्तराखंड में ही एक सीट पर जीत मिली.