नई दिल्‍ली: तीन लोकसभा सीटों और दो विधानसभा सीटों के उपचुनाव की घोषणा कर दी गई है. निर्वाचन आयोग की घोषणा के बाद चुनाव अचार संहिता लागू हो गई है. मार्च में तीन लोकसभा और दो विधानसभा सीटों के लिए उपचुनाव मार्च में कराए जाएंगे. इनमेें उत्‍तर प्रदेश में  लोकसभा की दो सीटों गोरखपुर, फूलपुर, बिहार की एक लोकसभा सीट अररिया,  विधानसभा की दो भभुआ और जहानाबाद सीटों के लिए 11 मार्च को उप चुनाव चुनाव कराए जाएंगे. इसके बाद इस चुनाव के नतीजे 14 मार्च को घोषित किए जाएंगे.Also Read - UP Covid Vaccinations: कोविड टीकाकरण 10 करोड़ पार करने वाला पहला राज्य बना यूपी, जानिए टॉप 5 में और कौन?

आयोग के मुताबिक इन उपचुनावों के लिए 20 फरवरी नामांकन फॉर्म भरने की लास्‍ट डेट है. इसके बाद 21 फरवरी को नामांकन फॉर्मों की जांच की जाएंगी. उम्‍मीदवारी का फॉर्म वापस करने की अंतिम तिथि 23 फरवरी है. Also Read - UP: मुख्तार अंसारी के सहयोगी की 4 मंजिला बिल्‍डिंग की जा रही ध्वस्त, इमारत की कीमत 10 करोड़ रुपए

सीएम बनने के बाद योगी आदित्यनाथ ने लोकसभा से इस्‍तीफा दे दिया था. इससे उत्‍तर प्रदेश की गोरखपुर सीट खाली हुई थी, वहीं डिप्‍टी सीएम बनने के बाद मौर्य ने भी सितंबर 2017 में लोकसभा की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया था और विधान परिषद से चुन लिए गए थे. इससेे फूलपुर लोकसभा सीट खाली हुई थी. वहीं, बिहार की अररिया लोकसभा सीट से आरजेडी सांसद मोहम्मद तसलीमुद्दीन की मौत के बाद खाली हुई थी.  इस उपचुनाव को लेकर अटकलें लगाई जा रही हैं कि पिछले साल राज्यसभा से इस्तीफा देने वाली बसपा सुप्रीमो मायावती फूलपुर लोकसभा सीट के उपचुनाव में मैदान में उतर सकती सकती हैं. हालांकि पार्टी की ओर से अभी तक इस बारे में आधिकारिक तौर पर कुछ नहीं कहा गया. Also Read - यूपी कांग्रेस में उम्मीदवारों के लिए आवेदन की तिथि बढ़ी, 10 अक्टूबर तक जमा होंगे फॉर्म; जानिए मामला

यूपी की दो लोकसभा सीटों के उपचुनाव योगी आदित्यनाथ की परीक्षा साबित हो सकतेे हैं. चुनाव के नतीजे सरकार की लोकप्रियता के ग्राफ को तय करेंगे. वहीं, बिहार की अररिया लोकसभा और दो विधानसभा सीटों के लिए सीएम नीतीश कुमार के साथ बीजेपी के होने के बाद राज्य में यह पहला उपचुनाव होगा. इस उपचुनाव में जेल में बंद आरजेडी प्रमुख लालू प्रसाद की सियासी पकड़ को चुनौती के तौर पर देखा जा रहा है. बता दें कि चारा घोटाला मामलों में सजा के बाद लालू के राजनीतिक भविष्य पर सवाल उठने लगे हैं. हाल ही में बीजेपी शासित राजस्‍थान की दो लोकसभा सीटों अलवर और अजमेर और मांडलगढ़ में हुए उपचुनाव में भाजपा को बुरी तरह से हार का सामना करना पड़ा. अब यूपी और बिहार में होने वाले चुनाव भी बीजेपी के लिए बड़ी चुनौती है.