लखनऊ: गोरखपुर लोकसभा उपचुनाव जीतकर सपा प्रत्याशी प्रवीण निषाद ने इतिहास रच दिया है. क्योंकि गोरखपुर सीट पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के खिलाफ जमुना निषाद और उनकी पत्नी की चार बार आमने-सामने की टक्कर हुई. इसमें हर बार मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के खाते में जीत और जमुना निषाद के खाते में हार ही आई थी. ऐसे में प्रवीण निषाद ने गोरखपुर लोकसभा सीट पर न सिर्फ जीत दर्ज की है, बल्कि जमुना निषाद के परिवार ही हारी लड़ाई का बदला भी लिया है.Also Read - जिम में पति के साथ गर्लफ्रेंड को देखकर भड़की पत्‍नी ने जूते-चप्‍पल से की जमकर पिटाई, वीडियो हुआ वायरल

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गोरखपुर लोकसभा उपचुनाव का परिणाम हर किसी के लिए चौंकाने वाला है. हो भी क्यों न? क्योंकि प्रदेश के मुख्यमंत्री की अपनी सीट सपा के खाते में चली गई है. सपा की जीत का हर कोई अपने हिसाब से आंकलन करने में जुटा है. ऐसे में मौजूदा चुनाव और पिछले चुनावों पर एक बार नजर डालते ही तस्वीर साफ हो जाती है. गोरखपुर लोकसभा सीट पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पहली बार चुनौती 1998 में सपा उम्मीदवार के रूप से चुनाव लड़े जमुना निषाद से मिली थी. हालांकि उस चुनाव में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 26206 वोट से जीत दर्ज की थी. इसके बाद 1999 में जमुना निषाद ने गोरखपुर लोकसभा सीट पर योगी आदित्यनाथ को कड़ी टक्कर दी. इस चुनाव में योगी महज 7339 वोट से जीत सके थे. जमुना निषाद से मिली कड़ी टक्कर के बाद योगी ने क्षेत्र में अपनी पकड़ मजबूत की और 2004 के लोकसभा चुनाव में 1,42,039 वोट से बड़ी जीत दर्ज की. 2014 में हुए लोकसभा चुनाव में जमुना निषाद ने खुद न लड़ते हुए अपनी पत्नी राजमति निषाद को मैदान में उतारा, लेकिन उस चुनाव में योगी ने बड़ी जीत दर्ज करते हुए राजमति निषाद को 3,12,783 वोटों से हरा दिया. Also Read - IRE vs NED, T20 World Cup 2021: Curtis Campher ने T20 विश्व कप में रच दिया इतिहास, लगातार चार गेंदों पर झटके विकेट

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अब तक चुनाव लड़े निषाद उम्मीदवारों में से प्रवीण ने सर्वाधिक 4,56,513 वोट हासिल किए

योगी आदित्यनाथ के यूपी में मुख्यमंत्री बनने के बाद खाली हुई गोरखपुर लोकसभा सीट पर उपचुनाव में जमुना निषाद ने चुनाव नहीं लड़ने का फैसला किया. ऐसे में उन्होंने इंजीनियर प्रवीण निषाद के नाम को आगे किया. सपा प्रत्याशी और बसपा के समर्थन से प्रवीण निषाद ने गोरखपुर लोकसभा सीट पर जीत दर्ज करते हुए जमुना निषाद के परिवार को मिली हार का हिसाब बराबर कर लिया. क्योंकि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने तीन बार जमुना निषाद और एक बार उनकी पत्नी राजमती निषाद को हराया था. अब तक चुनाव लड़े निषाद उम्मीदवारों में से प्रवीण ने सर्वाधिक 4,56,513 वोट हासिल कर भाजपा उम्मीदवार उपेंद्र शुक्ल को 21881 वोट से हराया.