नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को कहा कि उनकी सरकार ‘ऐतिहासिक अन्याय’ को दुरुस्त करने और पड़ोसी देशों में रह रहे अल्पसंख्यकों से किए गए भारत के पुराने वादे को पूरा करने के लिए संशोधित नागरिकता कानून (सीएए) लेकर आई है. आज जब हमारी सरकार सीएए लेकर आई है तो कुछ राजनीतिक दल वोट बैंक की खातिर इसका विरोध कर रहे हैं. सरकार के फैसले पर जो लोग सांप्रदायिकता का रंग चढ़ा रहे हैं, उनका असली चेहरा देश देख भी रहा है और समझ भी रहा है. Also Read - World Wildlife Day: PM Modi ने पर्यावरण के लिए काम करने वालों की सराहना की, कही ये बात

पीएम मोदी ने अनुच्छेद 370 के अधिकतर प्रावधान निरस्त किए जाने का जिक्र किया और कहा कि जम्मू कश्मीर में स्वतंत्रता के समय से ही समस्या थी. कुछ परिवारों और राजनीतिक दलों ने इसे जीवित रखा, जिसके परिणामस्वरूप वहां आतंकवाद पनपा. मोदी राष्ट्रीय कैडेट कोर (एनसीसी) की वार्षिक रैली को संबोधित कर रहे थे. उन्होंने एनसीसी कैडैटों से कहा कि उनकी सरकार देश को परेशान कर रहीं दशकों पुरानी समस्याओं को सुलझाने का प्रयास कर रही है. Also Read - PM Narendra Modi Reaction After Vaccination: वैक्सीन लगाने के बाद पीएम ने दिया ये रिएक्शन- लगा भी दिया...

कुछ राजनीतिक दल वोट बैंक की खातिर इसका विरोध कर रहे
प्रधानमंत्री ने सीएए के विरोध के संबंध में कहा कि कुछ राजनीतिक दल वोट बैंक पर कब्जा करने की स्पर्धा में लगे हैं. उन्होंने कहा, ऐतिहासिक अन्याय को दुरुस्त करने के वास्ते भारत के पुराने वादे को पूरा करने के लिए आज जब हमारी सरकार सीएए लेकर आई है तो कुछ राजनीतिक दल वोट बैंक की खातिर इसका विरोध कर रहे हैं. Also Read - पीएम मोदी ने AIIMS में लिया Bharat Biotech COVAXIN का पहला डोज, लोगों से की ये अपील...देखें VIDEO

जो लोग सांप्रदायिकता का रंग चढ़ा रहे हैं, उनका असली चेहरा देश देख भी रहा है
प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि दशकों पुरानी समस्याएं सुलझा रही उनकी सरकार के फैसले पर जो लोग सांप्रदायिकता का रंग चढ़ा रहे हैं, उनका असली चेहरा देश देख भी रहा है और समझ भी रहा है. मोदी ने कहा कि सीएए का विरोध ऐसे लोग कर रहे हैं, जिन्होंने शत्रु संपत्ति कानून का भी विरोध किया था.

यही भावना 1950 में नेहरू-लियाकत समझौते की भी थी
पीएम मोदी ने कहा कि स्वतंत्रता के बाद भारत ने पाकिस्तान, बांग्लादेश, अफगानिस्तान के हिंदुओं, सिखों और अन्य अल्पसंख्यकों से वादा किया था कि जरूरत महसूस होने पर वे भारत आ सकते हैं. यही इच्छा गांधी जी की थी और यही भावना 1950 में नेहरू-लियाकत समझौते की भी थी. प्रधानमंत्री ने कहा, ”हम जानते हैं कि हमारा पड़ोसी देश हमसे तीन-तीन युद्ध हार चुका है. हमारी सेनाओं को उसे धूल चटाने में हफ्ते-दस दिन से ज्यादा समय नहीं लगता.”

सेनाएं कार्रवाई के लिए कहती थीं, लेकिन…
केंद्र की पूर्ववर्ती सरकारों की निंदा करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, सेनाएं जब कार्रवाई के लिए कहती थीं, वे तब भी आगे नहीं जा पाती थीं. उन्होंने कहा ‘‘आज युवा सोच है. युवा मन के साथ देश आगे बढ़ रहा है और इसलिए वह सर्जिकल स्ट्राइक करता है, एअर स्ट्राइक करता है और आतंक के सरपरस्तों को उनके घर में जाकर सबक सिखाता है. इसका परिणाम आप भी देख रहे हैं.’’

दिल्ली के 40 लाख लोगों की सबसे बड़ी चिंता को दूर किया
दिल्ली की अनधिकृत कॉलोनियों के संबंध में सरकार के फैसले का जिक्र करते हुए मोदी ने कहा कि यह युवा भारत की सोच है, न्यू इंडिया की सोच है, जिसने दिल्ली के 40 लाख लोगों के जीवन से, उनकी सबसे बड़ी चिंता को दूर कर दिया है. उन्होंने कहा कि उनकी सरकार के फैसले का लाभ हिंदुओं, मुस्लिमों, सिखों, ईसाइयों सभी को होगा. उन्होंने अपनी सरकार की ‘तीन तलाक’ खत्म करने और बोडो समझौते जैसी उपलब्धियों का भी जिक्र किया.