नई दिल्ली/तिरुवनंतपुरम: केरल के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ने कहा कि संशोधित नागरिकता कानून (सीएए) के खिलाफ राज्य सरकार द्वारा उन्हें सूचना दिए बिना उच्चतम न्यायालय से संपर्क किए जाने को लेकर वह रिपोर्ट मांग सकते हैं. राज्य सरकार ने 13 जनवरी को इस कानून को उच्चतम न्यायालय में चुनौती दी थी और इसे संविधान से परे घोषित करने का आग्रह किया था. Also Read - केरल सरकार का बड़ा फैसला, नागरिकता कानून और सबरीमाला मामले को लेकर प्रदर्शनकारियों के खिलाफ मुकदमे वापस होंगे

खान ने केरल सरकार की निन्दा करते हुए नई दिल्ली में संवाददाताओं से कहा, ‘जब कभी मैं कोई उल्लंघन देखता हूं, जहां कहीं भी मैं किसी को कानून के विपरीत या संविधान की धाराओं के खिलाफ जाते हुए देखता हूं, तो ऐसा हो ही नहीं सकता कि मैं जवाब तलब न करूं.’’ Also Read - VIDEO: राहुल गांधी ने कहा- 'हम दो-हमारे दो' अच्छी तरह सुन लें, असम को कोई नहीं बांट पाएगा, CAA नहीं होगा

बता दें कि नागरिकता कानून के संसद में पारित होने के बाद से ही देशभर में व्यापक रूप से प्रदर्शन देखने को मिल रहा है. केरल बद अब पंजाब सरकार ने विधानसभा में नागरिकता कानून के खिलाफ आज बिल पेश किया. बता दें कि कानन को कोर्ट में चुनौती देने वाली केरल पहला राज्य बन चुका है. Also Read - अमित शाह का बड़ा बयान, कोविड-19 टीकाकरण समाप्त होने के बाद लागू किया जाएगा CAA