नई दिल्ली: संशोधित नागरिकता कानून (सीएए) के खिलाफ रातभर चले प्रदर्शन के बाद रविवार को जाफराबाद मेट्रो स्टेशन के प्रवेश और निकास द्वार बंद कर दिए गए हैं. सीएए और एनआरसी के खिलाफ प्रदर्शन करने के लिए शनिवार की रात दिल्ली के जाफराबाद मेट्रो स्टेशन के निकट लगभग 500 लोग इकट्ठा हुए थे, जिससे एक मुख्य सड़क अवरूद्ध हो गई थी. मेट्रो स्टेशन के निकट एकत्र होने वाले लोगों में ज्यादातर महिलाएं थीं. Also Read - केरल सरकार का बड़ा फैसला, नागरिकता कानून और सबरीमाला मामले को लेकर प्रदर्शनकारियों के खिलाफ मुकदमे वापस होंगे


महिलाओं ने तिरंगा लेकर ‘आजादी’ के नारे लगाते हुए कहा कि वे तब तक प्रदर्शनस्थल से नहीं हटेंगी जब तक कि केंद्र सरकार सीएए को रद्द नहीं कर देती. उन्होंने अपनी बांह पर एक नीली पट्टी बांधी और ‘जय भीम’ के नारे भी लगाए. इलाके में महिला पुलिसकर्मियों सहित भारी सुरक्षा बल तैनात किया गया है. महिलाओं ने सीलमपुर को मौजपुर और यमुना विहार से जोड़ने वाली सड़क नंबर 66 को अवरुद्ध कर दिया है.अचानक विरोध-प्रदर्शन के कारण यातायात बाधित हो गया. सड़क को खाली कराने के लिए पुलिस प्रदर्शनकारियों से बात करने की कोशिश कर रही है.

सीएए के खिलाफ मुख्य सीलमपुर रोड और कर्दमपुरी के पास पहले से ही विरोध प्रदर्शन चल रहा है. जाफराबाद में ऐसे समय में प्रदर्शन हो रहे हैं जब शाहीन बाग में सीएए विरोधी प्रदर्शनकारियों द्वारा अवरुद्ध एक सड़क को खाली करने का प्रयास किया जा रहा है. प्रदर्शनकारी दक्षिण दिल्ली और नोएडा को जोड़ने वाली सड़क को अवरुद्ध करते हुए शाहीन बाग में लगभग दो महीने से प्रदर्शन कर रहे हैं.

 

(इनपुट-एजेंसी)