नयी दिल्ली: संशोधित नागरिकता कानून के विरोध में प्रदर्शन कर रहे लोगों ने गुरुवार को जंतर मंतर पर सुरक्षा बलों को गुलाब के फूल दिए और कहा कि पुलिस जितना चाहें उन्हें लाठी मार सकती है, लेकिन उनका संदेश ‘घृणा के बदले में प्यार’ है. प्रदर्शन में शामिल कुछ वकीलों ने प्रदर्शनकारियों को पुलिस द्वारा उन्हें हिरासत में लेने की स्थिति में कानूनी सहायता मुहैया कराने की पेशकश की.

लाला किला और मंडी हाउस पर प्रदर्शन करने की इजाजत नहीं मिलने पर बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी जंतर मंतर पर जमा हुए, जिसमें छात्र और सामाजिक कार्यकर्ता शामिल थे. इस दौरान उन्होंने नारे लगाए- ‘डिजिटल इंडिया, लेकिन इंटरनेट नहीं’, ‘जनता मांगे रोजी रोटी, मिलती हमको लाठी गाली’ और ‘सेव कॉन्सिट्यूशन, सेव कंट्री’. एक प्रदर्शनकारी संदीप धीमान ने कहा कि वे हम पर चाहें जितना लाठी चला सकते हैं, हम तब भी उन्हें गुलाब ही देंगे. घृणा के बदले में प्यार. हम उनके वाटर कैनन और आंसू गैस का सामना करने को तैयार हैं.

जंतर मंतर पर वालंटियर्स के लिए सहायता केंद्र बनाया
जंतर मंतर पर वालंटियर्स के लिए सहायता केंद्र बनाया गया है, नए पोस्टर बनाने के लिए लोगों को स्टेशनरी दी जा रही है. यह घोषणा भी की जा रही है कि सहायता केंद्र पर खाने के पैकेट उपलब्ध हैं. एक विधि छात्र रमेश राम ने कहा कि पुलिस सड़क और मेट्रो स्टेशन बंद कर सकती है. लोग पैदल आएंगे. एक अन्य प्रदर्शनकारी ज्योति साहा ने कहा कि वह अपने पांच साल के जुड़वा बच्चों के साथ प्रदर्शन में शामिल हुई हैं. इस दौरान मुस्लिम प्रदर्शनकारियों को नमाज पढ़ने के लिए मानव श्रृंखला बनाकर जगह दी गई.