नई दिल्लीः संशोधित नागरिकता कानून (Citizenship Amendment Act 2019) और राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (National Register of Citizens) को लेकर उत्तर प्रदेश के कई शहरों में हिंसात्मक प्रदर्शन देखने को मिले. राज्य में शुक्रवार को भड़की हिंसा में करीब 13 लोगों की जान चली गई. ऐसे में इसी हिंसा के दौरान फिरोजाबाद (Firozabad) में एक चौंकाने वाला वाकया सामने आया है, जहां 20 दिसंबर को CAA और NRC के विरोध में जारी हिंसात्मक प्रदर्शन के दौरान बुलेटप्रूफ जैकेट को भेदती हुई गोली एक पुलिसकर्मी को जा लगी, लेकिन इन सब के बाद भी उसकी जान बच गई.

जी हां, गोली बुलेटप्रूफ जैकेट के आर-पार हो गई, लेकिन फिर भी पुलिसकर्मी को गोली छू भी नहीं पाई. दरअसल, यह सब कुछ हुआ पुलिसकर्मी के पर्स में रखे सिक्‍कों की वजह से. मिली जानकारी के मुताबिक, हिंसक प्रदर्शन के दौरान कांस्टेबल विजेंद्र कुमार अपनी टीम के साथ जिले की सुरक्षा में तैनात थे. क्षेत्र में फैली हिंसा के दौरान जब विजेंद्र कुमार अपनी ड्यूटी कर रहे थे और भीड़ को कंट्रोल करने की कोशिश कर रहे थे, तभी एक गोली उनके बुलेटप्रूफ जैकेट को भेदती हुई उनके पर्स में जा फंसी. जिससे विजेंद्र की जान बच गई.

वहीं इस पूरी घटना के बाद कॉन्स्टेबल विजेंद्र कुमार अपने आप को भाग्यशाली मान रहे हैं कि इन सब के बाद भी उनकी जान बच गई और वह पूरी तरह सुरक्षित हैं. विजेंद्र कुमार का कहना है कि, ‘वे भाग्यशाली थे कि बुलेटप्रूफ जैकेट को चीरने के बाद भी गोली उनके पर्स में जाकर फंस गई, नहीं तो उनकी जान भी जा सकती थी.’

विजेंद्र कुमार ने इस घटना को अपना पुनर्जन्म बताया है, उनके मुताबिक अगर उन्होंने पर्स ना रखा होता तो शायद वह आज जिंदा ना होते. वरिष्ठ अधिकारियों के मुताबिक, उत्तर प्रदेश में CAA और NRC के विरोध में हुए हिंसात्मक प्रदर्शन में कई पुलिसकर्मियों को गोली लगी है, जिनका इलाज किया जा रहा है. पुलिस का कहना है कि जिले में स्थिति नियंत्रण में है.