अहमदाबाद: संशोधित नागरिकता कानून और राष्ट्रीय नागरिक पंजी (एनआरसी) के खिलाफ शहर के मुस्लिम बहुल शाह-ए-आलम इलाके में विरोध प्रदर्शन बृहस्पतिवार को हिंसक हो गया. पथराव की घटना में कम से कम पांच पुलिसकर्मी घायल हो गए. पुलिस ने करीब 2000 लोगों की भीड़ को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े. पुलिस ने जब प्रदर्शनकारियों को हटाने की कोशिश की तो उन्होंने पथराव किया.

 

पथराव में सहायक पुलिस आयुक्त आर बी राणा सहित कम से कम पांच पुलिसकर्मी घायल हो गए. सहायक पुलिस आयुक्त आशीष भाटिया ने कहा कि स्थिति अब नियंत्रण में है. उन्होंने कहा कि हम आरोपियों की पहचान करेंगे और उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करेंगे. शाह-ए-आलम इलाके में पथराव को छोड़कर शहर के किसी भी हिस्से में कोई अप्रिय घटना नहीं हुयी. दोपहर में, अहमदाबाद के सरदार बाग इलाके में जुटे कुछ लोगों पर पुलिस ने बृहस्पतिवार को लाठीचार्ज किया.

एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए इकट्ठा करीब 200 प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर कर दिया गया क्योंकि एकत्र हुए लोगों ने प्रदर्शन की अनुमति नहीं ली थी. उन्होंने बताया कि 20 प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया. निरीक्षक एम एम नायब ने बताया कि हमने इस प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी थी. कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए हमने उन्हें हटाया. हमने 20 लोगों को हिरासत में भी लिया. माकपा, भाकपा सहित वाम दलों और उनसे जुड़े संगठनों ऑल इंडिया डेमोक्रेटिक स्टूडेंट्स आर्गेनाइजेशन (डीएसओ) और एसयूसीआई (कम्युनिस्ट) ने प्रदर्शन का आयोजन किया.

ऑल इंडिया डीएसओ के सदस्य भविक राजा ने कहा कि हालांकि, हमने आधिकारिक तौर पर इस प्रदर्शन की अनुमति ली थी लेकिन अंतिम समय में इसे रद्द कर दिया गया. हालांकि हमने घोषणा की थी कि हम आज अपना प्रदर्शन जारी रखेंगे. सीएए और एनआरसी के खिलाफ सरदार बाग में 200 से 300 लोग जुटे थे. अल्पसंख्यक अधिकार मंच ने बृहस्पतिवार को अहमदाबाद बंद का आह्वान किया था. मुस्लिम बहुल इलाके में बाजार और दुकानें बंद रही लेकिन अन्यत्र प्रदर्शन का कोई असर नहीं पड़ा.