नई दिल्ली : राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली (Delhi) के शाहीन बाग (Shaheen Bagh) में नागरिकता संशोधन कानून (Citizenship Amendment Act) और राष्ट्रीय नागरिकता रजिस्टर (National Register of Citizens) के खिलाफ 15 दिसंबर से विरोध प्रदर्शन जारी है, जिसके चलते करीब 60 से अधिक दिनों से कालिंदी कुंज और शाहिन बाग सड़क बंद है और आम जनता को आने-जाने में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. करीब 2 महीने से जारी इस विरोध प्रदर्शन के कारण आम लोगों को हो रही परेशानी के मद्देनजर सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) में प्रदर्शनकारियों को सड़क से हटाए जाने की मांग को लेकर तीन याचिकाएं दायर की गईं हैं, जिन पर आज उच्चतम न्यायलय में सुनवाई करेगा. Also Read - COVID-19: Delhi में घटे केस, केजरीवाल बोले- 2 घंटे में होम आइसोलेशन वाले मरीजों के घर भेजेंगे ऑक्‍सीजन कंसंट्रेटर

बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने शाहीन बाग में जारी विरोध प्रदर्शन के चलते रास्ता बंद होने के कारण प्रदर्शनकारियों को हटाने की मांग वाली याचिका पर दिल्ली विधानसभा चुनाव के बाद सुनवाई करने का फैसला लिया था. 7 फरवरी को सुप्रीम कोर्ट ने यह कहते हुए सुनवाई टाल दी थी कि ‘कोर्ट दिल्ली के शाहीन बाग में जारी विरोध प्रदर्शन के चलते बंद रास्तों से आम जन को हो रही समस्याओं को समझती है, लेकिन कोर्ट आगामी विधानसभा चुनाव को प्रभावित नहीं करना चाहती.’ मामले पर सुनवाई करते हुए जस्टिस संजय किशन कौल और जस्टिस के. एम. जोसेफ की खंडपीठ ने कहा, ‘हम समझ रहे हैं कि समस्या है और अब हमारे सामने भी यही सवाल यह है कि इसको कैसे हल किया जाए?’ Also Read - CBSE ICSE Board 12th Exam 2021: CBSE, ICSE 12वीं बोर्ड परीक्षा होगी या नहीं! सुप्रीम कोर्ट में दायर हुई याचिका, जानें पूरी डिटेल 

इसके साथ ही प्रदर्शन के दौरान शाहीन बाग में ठंड लगने से हुई बच्चे की मौत पर सुप्रीम कोर्ट ने स्वतः संज्ञान लिया है, जिस पर मुख्य न्यायाधीश एस ए बोबडे की अध्यक्षता में आज कोर्ट में सुनवाई होगी. कोर्ट प्रदर्शन में मासूम बच्चों और नाबालिगों की भागीदारी पर सुनवाई करेगी, जिसमें बच्चों के प्रदर्शन में शामिल होने पर रोक लगाई जा सकती है. आपको बता दें कि शाहीन बाग में चल रहे नागरिकता संशोधन के खिलाफ विरोध प्रदर्शन के दौरान 30 जनवरी को एक बच्चे की ठंड लगने से मौत हो गई थी. बच्चे के परिजन उसे अपने साथ सीएए विरोधी प्रदर्शन में लेकर गए थे. Also Read - इजराइल से भारत आया केरल की नर्स सौम्या संतोष का शव, हमास के रॉकेट हमले में गई थी जान