नई दिल्ली: राष्ट्रीय राजधानी में नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) के विरोध में हुए प्रदर्शनों के दौरान हिंसा की जांच रफ्तार पकड़ती जा रही है. हिंसा और पथराव की जांच के लिए गठित दिल्ली पुलिस अपराध शाखा की एसआईटी ने इस बाबत आम-आदमी से भी सहयोग की अपील की है. एसआईटी प्रमुख डीसीपी क्राइम ब्रांच राजेश देव ने लोगों से अपील की है कि उनके पास पथराव से संबंधित जो भी जानकारी या सबूत हों, वे एसआईटी को सौंप दें, ताकि जांच को अंजाम तक पहुंचाया जा सके. Also Read - Petrol-Diesel Price Hike: सरकार को क्यों घटानी चाहिए पेट्रोल-डीज़ल की कीमतें? | Watch Video

डीसीपी राजेश देव के मुताबिक, “बीते दिसंबर महीने में दिल्ली में जहां कहीं भी हिंसा-पथराव की घटनाएं हुई हों, एसआईटी विशेष कर उनकी जांच के लिए ही बनाई गई है. इसके लिए जन-सहयोग बेहद जरूरी है. इसीलिए एसआईटी ने जनता के पास मौजूद हिंसा की घटनाओं से संबंधित सबूत मांगे हैं. सबूत के तौर पर वीडियो क्लिप्स (फुटेज) और तस्वीरें एसआईटी को आरोपियों तक पहुंचाने में बेहद मददगार साबित हो सकती हैं.” Also Read - केरल सरकार का बड़ा फैसला, नागरिकता कानून और सबरीमाला मामले को लेकर प्रदर्शनकारियों के खिलाफ मुकदमे वापस होंगे

डीसीपी ने आगे कहा, “जो भी सबूत किसी के पास मौजूद हों, वो इन्हें दिल्ली के पुरानी कोतवाली थाना परिसर में बने एसआईटी मुख्यालय में जमा करवा सकता है. अगर कोई इन दंगों में मदद के लिए गवाही देना चाहे तो इसी कार्यालय में पहुंचकर अपना बयान भी दर्ज कराने के लिए वो स्वतंत्र है.” Also Read - Real Or Fake Ginger Buying Tips: खरीदने से पहले ऐसे करें नकली अदरक की पहचान?