नई दिल्ली. केंद्र ने स्वास्थ्य, औषधि के क्षेत्र में फलस्तीन व जर्मनी के साथ सहयोग को मंजूरी प्रदान कर दी जिसमें क्षमता उन्नयन, प्रशिक्षण, शिक्षा को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया है. Also Read - Central Government Employees Bonus News: अच्छी खबर! दिवाली से पहले 30 लाख से अधिक सरकारी कर्मियों को मोदी सरकार का तोहफा, विजयादशमी पर मिलेगा बोनस

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने बुधवार को भारत और जर्मनी के बीच स्वास्थ्य के क्षेत्र में सहयोग पर आधारित संयुक्त घोषणा पत्र हस्ताक्षर के लिए पूर्व-प्रभाव से अपनी मंजूरी दे दी है. इस संयुक्त घोषणापत्र पर 01 जून, 2017 को हस्ताक्षर किए गए थे. Also Read - मोदी मंत्रिमंडल में सिर्फ भाजपा के प्रतिनिधि, पासवान के निधन से खत्म हुई सहयोगी दलों की नुमाइंदगी

इस संयुक्त घोषणापत्र में सहयोग के स्नातकोत्तर शिक्षा, चिकित्सा कार्मिकों का प्रशिक्षण, औषधि और औषधि अर्थशास्त्र और स्वास्थ्य अर्थशास्त्र में सहयोग जैसे विषय शामिल हैं. Also Read - मोदी सरकार ने NRIs को एयर इंडिया में 100% हिस्सेदारी खरीदीने की अनुमति दी

इस संयुक्त घोषणा पत्र से जुड़े सहयोग के क्षेत्र को और भी अधिक विस्तृत बनाने और इसके कार्यान्वयन की निगरानी के लिए एक कार्यसमूह गठित किया जाएगा. कैबिनेट ने पूर्व की तिथि से फलस्तीन के साथ स्वास्थ्य, औषधि के क्षेत्र में हुए सहमति पत्र को मंजूरी दे दी. इस पर 16 मई को हस्ताक्षर किये गए थे.