नई दिल्ली: केन्द्रीय मंत्रिमंडल ने भगोड़े आर्थिक अपराध के खिलाफ कानून सख्त करने के लिए एक विधेयक को गुरुवार को मंजूरी दी जिसमें अपराध कर के विदेश भागने वालों को अदालत में दोषी ठहराए बिना भी उनकी संपत्ति जब्त करने का प्रावधान है. विजय माल्या और नीरव मोदी जैसे कई आर्थिक अपराधियों के देश से बाहर चले जाने के बीच यह कदम उठाया गया है. Also Read - PNB धोखाधड़ी: भगोड़े हीरा कारोबारी नीरव मोदी के 'अर्श से फर्श' की कहानी पर आ रही ये किताब

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल की बैठक में इस विधेयक के मसौदे को मंजूरी दी गई. विधेयक को बजट सत्र के दूसरे चरण में पेश किया जा सकता है. मध्यावकाश के बाद संसद का सत्र पांच मार्च से शुरू होने वाला है. Also Read - ब्रिटेन में भगोड़े हीरा कारोबारी नीरव मोदी की हिरासत अवधि 22 अगस्त तक बढ़ी

इस विधेयक में ऐसे प्रावधान किए गए हैं जो उन आर्थिक अपराधियों पर लागू होंगे जो विदेश भाग गए हैं और भारत लौटने से इनकार करते हैं. यह प्रावधान 100 करोड़ रुपए से अधिक की बकाया राशि अथवा बैंक कर्ज की वापसी नहीं करने वालों, जानबूझकर कर्ज नहीं चुकाने वाले कर्जदारों और जिनके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया गया है, उन पर लागू होगा. Also Read - CBI में 20 अधिकारियों का तबादला, 2G और पीएनबी स्कैम की जांच कर रहे अफसर भी शामिल

विधेयक में यह भी प्रावधान है कि ऐसे भगोड़े आर्थिक अपराधी की संपत्ति को उसके दोषी ठहराए जाने से पहले ही जब्त किया जा सकेगा. उसे बेचकर कर्ज देने वाले बैंक का कर्ज चुकाया जाएगा. इस तरह के आर्थिक अपराधियों के मामले की सुनवाई मनी लॉन्ड्रिंग कानून के तहत होगी.

एनएफआरए को भी मिली मंजूरी
केंद्र सरकार ने गुरुवार को नेशनल फाइनेंशियल रिपोर्टिंग अथॉरिटी को भी मंजूरी दे दी. यह लिस्टेड कंपिनयों के साथ बड़ी अनलिस्टेड कंपनियों की ऑडिट पर नजर रखेगा. इसका लक्ष्य चार्टर्ड अकाउंटेंट्स के कामकाज पर नजर रखना है.

छोटे डिफॉल्टर्स पर भी नजर
सरकार की नजर बड़े डिफॉल्टर्स के साथ-साथ छोटे खिलाड़ियों पर भी है. घोटालों में ऐसे ही कुछ और डिफॉल्टर्स के होने का भी अंदेशा है. हाल ही में दिल्ली के करोल बाग के दास सेठ इंटरनेशनल का नाम भी सामने आया है. इसके प्रमोटर्स भी लोन चुकाए बिना देश से बाहर हैं. सीबीआई ने दिल्ली के एक ज्वैलर के खिलाफ भी 390 करोड़ का लोन नहीं चुकाने का मामला दर्ज किया है. इस ज्वैलर ने ऑरियंटल बैंक ऑफ कॉमर्स से यह लोन लिया था.