बेंगलुरू: पुलिस कैफे कॉफी डे (सीसीडी) के संस्थापक वीजी सिद्धार्थ के मंगलुरु के पास नेथरवती नदी में कूदकर आत्महत्या करने का संदेह जता रही है. पुलिसकर्मी, तटरक्षक बल, गोताखोर और मछुआरे सहित लगभग 200 लोग नदी के उस इलाके में खोजबीन में लगे हुए हैं जहां सिद्धार्थ के कूदने की आशंका है. मंगलुरू के पुलिस आयुक्त संदीप पाटिल ने संवाददाताओं से कहा, “आशंका है कि सिद्धार्थ मंगलुरू के निकट नेथरवती नदी में कूद गए होंगे, हालांकि व्यापक तलाशी अभियान के बावजूद उनका शव अभी बरामद नहीं हुआ है.” Also Read - भारत में हुई Tesla Motors की एंट्री, जल्द ही तैयार होंगी इलेक्ट्रिक कारें

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कैफे कॉफी डे (CCD) के चेयरमैन वी.जी. सिद्धार्थ ने गायब होने से पहले लिखा ये लेटर Also Read - Air India Fly with 4 Women Pilots: पहली बार 4 महिला पायलट्स के साथ एयर इंडिया ने सैन फ्रांसिस्को से बेंगलुरु के लिए भरी ऐतिहासिक उड़ान

दक्षिणा कन्नड़ के उपायुक्त शशिकांत सेंथिल ने घटनास्थल का दौरा करने के बाद कहा, “पुलिसकर्मी, तटरक्षक बल, गोताखोर और मछुआरे सहित लगभग 200 लोग नदी के उस इलाके में खोजबीन में लगे हुए हैं जहां सिद्धार्थ के कूदने की आशंका है.” इससे पहले सिद्धार्थ (60) के कार चालक बसवराज पाटिल ने मंगलुरू में एक पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज कराया कि उनके मालिक पुल से लापता हो गए थे, जहां वह कार से उतरे थे और कुछ देर टहलना चाहते थे. चालक द्वारा दर्ज मामले के अनुसार, “सिद्धार्थ नेथरवती नदी के पुल पर कार से उतर गए और यह कहकर कि वह थोड़ी देर सैर करना चाहते हैं, उसे पुल के दूसरे छोर पर इंतजार करने के लिए बोलकर चले गए, लेकिन एक घंटे बाद भी नहीं लौटे.”

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पुलिस को शक है कि सिद्धार्थ बहती नदी में कूद गए होंगे तभी ड्राइवर को वहां नहीं मिले. सिद्धार्थ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता और यूपीए-2 सरकार में विदेश मंत्री (2009-2012) रह चुके एस. एम. कृष्णा के सबसे बड़े दामाद हैं. कृष्णा 1999 से 2004 के बीच कर्नाटक के मुख्यमंत्री भी रह चुके हैं. सिद्धार्थ ने 18 मार्च को 10 रुपये की फेस वैल्यू पर 980 रुपये प्रति शेयर की दर से शहर में सॉफ्टरवेयर कंपनी माइंडट्री लिमिटेड में अपने कुल 20 प्रतिशत शेयर मुंबई की कंपनी लार्सन एंड टॉब्रो (एल एंड टी) को 3,300 करोड़ रुपये में बेच दिए थे. वह अपनी कंपनी पर चढ़े कर्ज को चुकाना चाह रहे थे.