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साल २०१४ में अलग अलग चुनावो में जीत का स्वाद चक चुकी भारतीय जनता पार्टी ने अब अपना पूरा ध्यान जम्मू कश्मीर के विधानसभा चुनावो की और लगा दिया है। घाटी में अगले कुछ ही दिनों में चुनाव होने है और इसी के लिए देश के सत्तारूढ़ दाल ने कमर कस ली है। Also Read - कब आएगी कोरोना वायरस की वैक्सीन, जानें पीएम मोदी ने देश को क्या बताया

अनुच्छेद 370 पर असमंजस
लोकसभा चुनाव प्रचार के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने  रैली की थी। इस रैली के दौरान प्रधानमंत्री ने अनुच्छेद ३७० पर दुबारा बहस कराने की बात कही थी मगर भारतीय जनता पार्टी ने अब तक इस मुद्दे पर अपना पक्ष साफ़ नहीं किया हैं। वाही पार्टी के कई प्रत्याशी इसको खत्म करने के पक्ष में नहीं है। Also Read - PM Narendra Modi Address to Nation Full Speech: कोरोना और नवरात्रि, ईद, छठ से लेकर कबीर के दोहा तक, पढ़ें पीएम मोदी के संबोधन की 10 बड़ी बातें

छवि सुधारने की कोशिश
भारतीय जनता पार्टी को हमेशा से ही भगवा पार्टी या फिर कहे तो अल्पसंख्यक समाज की विरोधी पार्टी के रूप में देखा गया हैं। मगर पार्टी ने अपनी इस  बदलने के लिए ३२ मुसलमान प्रत्याशियों को टिकट दिया है। प्रधानमंत्री मोदी ने कुछ दिनों पहले सज्जाद लोन से दिल्ली में मुलाक़ात भी की। सज्जाद पूर्व अलगाववादी नेता है।

राम माधव को सौंपी ज़िम्मेदारी
बीजेपी ने जम्मू और कश्मीर में चुनावो के लिए पूर्व संघ प्रचारक राम माधव को बड़ी ज़िम्मेदारी दी है। राम माधव पर कश्मीरी पंडितो को एकजुट करने के अलावा घाटी में गठबंधन की ज़िम्मेदारी भी दी गयी है।

प्रधानमंत्री करेंगे चुनाव प्रचार
भारतीय जनता पार्टी के स्टार प्रचारक और देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार यानी २२ नवंबर से घाटी में चुनावी सभाओ को सम्बोधित करेंगे। पार्टी नेताओं की माने तो मोदी वहा आधा दर्जन से अधिक रैली में शिरकत करेंगे। पार्टी ने वहा लोकसभा चुनावो में ६ में से ३ सीटों पर जीत हासिल की थी।

जम्मू और कश्मीर में २५ नवम्बर से २० दिसंबर के बीच चुनाव होने है।