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पटना: जनता दल (युनाइटेड) के नेता बिहार के बाद भले ही राष्ट्रीय स्तर पर धर्मनिरपेक्ष दलों के ‘महागठबंधन’ की बात कर रहे हों, लेकिन वास्तविकता यह है कि’महागठबंधन’ पड़ोसी राज्य झारखंड में ही दरकता नजर आ रहा है। Also Read - राहुल गांधी का PM मोदी पर हमला- पहली बार दशहरा में 'रावण' नहीं, प्रधानमंत्री का पुतला जलाया गया

झारखंड के सभी 81 विधानसभा क्षेत्रों के लिए अभी किसी भी राजनीतिक दल ने अपने सभी उम्मीदवारों की घोषणा नहीं की है, लेकिन इतना तय हो गया है कि झारखंड की कम से कम दो सीटों पर राष्ट्रीय जनता दल (राजद) और जद (यू) में दोस्ताना संघर्ष देखने को मिलेगा। Also Read - Bihar Assembly Election 2020: पहले चरण से निकलेगा तेजस्वी के सीएम बनने का रास्ता! जानिए आखिर क्यों खुद को मजबूत मान रहा राजद

पलामू जिले के दो विधानसभा क्षेत्रों हुसैनाबाद से राजद ने जहां संजय यादव को प्रत्याशी बनाया है, वहीं जद (यू) ने उमेश साह को चुनाव मैदान में उतार दिया है। छतरपुर विधानसभा क्षेत्र से जद (यू) की ओर से पूर्व मंत्री सुधा चौधरी को एक बार फिर टिकट दिया गया है, वहीं राजद ने यहां से पूर्व सांसद मनोज कुमार को प्रत्याशी बनाकर महागठबंधन पर प्रश्नचिन्ह लगा दिया है।

पिछले चुनाव में हुसैनाबाद जहां राजद के कब्जे में थी, वहीं छतरपुर से जद (यू) की प्रत्याशी सुधा चौधरी विजयी घोषित हुई थी।

झारखंड जद (यू) के सचिव रमेश सिंह ने आईएएनएस से इस दोस्ताना संघर्ष के संबंध में कहा कि चुनाव में कोई दोस्ताना संघर्ष नहीं होता। सभी दल अपनी क्षमता के अनुसार जीतने का प्रयास करते हैं। वह कहते हैं कि जद (यू) छह सीटों पर प्रत्याशियों की घोषणा कर चुका है।

राजद अध्यक्ष लालू प्रसाद तीन दिनों तक झारखंड में चुनाव प्रचार कर वापस दिल्ली लौट गए हैं, लेकिन जद (यू) के किसी भी वरिष्ठ नेता ने चुनावी रैली नहीं की है। हालांकि जद (यू) के एक नेता की मानें तो गुरुवार को पार्टी अध्यक्ष शरद यादव और बिहार के मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी चुनाव प्रचार के लिए पहुंचेंगे।

झारखंड में गठबंधन के सवाल पर राजद प्रवक्ता मनोज झा बड़ी साफगोई से कहते हैं, “झारखंड में राजद का सामाजिक और राजनीतिक आधार जद (यू) से व्यापक है। राजद झारखंड में खुद चुनाव के लिए सक्षम है।”

बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के चुनाव प्रचार में नहीं आने पर मनोज ने कहा कि नीतीश कुमार संपर्क यात्रा में व्यस्त हैं। वैसे उनके आने से सांकेतिक संवाद तो होता ही। झा ने गठबंधन में दरार की बात से भी इंकार किया।

झारखंड में महागठबंधन के दरकने पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता भी चुटकी लेने से नहीं चूक रहे। भाजपा के नेता और केन्द्रीय मंत्री रामकृपाल यादव कहते हैं, “कथित महागठबंधन में शामिल लोग सत्तालोलुप लोग हैं। ये अपने फायदे के लिए गठबंधन जोड़ते हैं और अपने फायदे के लिए गठबंधन तोड़ते हैं।”

जद (यू) के प्रवक्ता नीरज कुमार कहते हैं कि फिलहाल नीतीश कुमार का झारखंड में प्रचार करने का कोई कार्यक्रम तय नहीं हुआ है। अभी वह संपर्क यात्रा में ही व्यस्त हैं।

उल्लेखनीय है कि पिछले लोकसभा चुनाव के बाद बिहार विधानसभा की 10 सीटों पर हुए उपचुनाव में कांग्रेस, राजद और जद (यू) ने मिलकर चुनाव लड़ा था।

झारखंड के 81 सदस्यीय विधानसभा के चुनाव के तहत पांच चरणों में मतदान होगा। पहले चरण का मतदान 25 नवंबर को होगा। मतगणना 25 दिसंबर को होगी।