क्या वाहनों पर धर्म-जाति सूचक स्टिकर लगवा सकते हैं? जानिए क्या कहता है कानून

2019 में बॉम्बे हाई कोर्ट ने भी निजी वाहनों पर ऐसे स्टिकर पर प्रतिबंध लगाने का आदेश दिया था. इसके बाद, पुलिस ने व्यापक जांच की और उन लोगों पर कार्रवाई की, जिन्होंने गलत तरीके से इन स्टिकर का इस्तेमाल किया था.

Published date india.com Updated: August 24, 2023 9:30 AM IST
caste and religious stickers (Photo File)
caste and religious stickers (Photo File)

Fine for Stickers on Vehicle:  गाड़ी पर धर्म-जाति सूचत स्टिकर लगाने के खिलाफ नोएडा और गाजियाबाद पुलिस (Police) ने सख्त रुख अपनाया है.  पुलिस ने 11 अगस्त से इसके खिलाफ एक विशेष अभियान शुरू किया है. कारों पर धर्म-जाति सूचत स्टिकर लगाने को लेकर 2,300 लोगों का चलान काटा है.

अब आपके सवालों पर आते हैं. क्या गाड़ी पर धर्म-जाति सूचक स्टिकर लगवाना अपराध है? इसको लेकर हमारे देश में क्या कानून है?

मोटर वाहन नियम (Motor Vehicle Rules), 1989 के तहत स्पष्ट प्रावधान है कि रजिस्टर नंबर प्लेट पर स्टिकर नहीं लगाया जाना चाहिए. हालांकि विभिन्न राज्य सरकारों ने वाहनों पर भी जाति और धर्म सूचक स्टिकर चिपकाने के खिलाफ आदेश जारी किए हैं.

वाहनों के किसी भी हिस्से पर जाति और धर्म सूचक स्टिकर चिपकाए जाने पर मोटर वाहन अधिनियम (Motor Vehicle Act) 1988 की धारा 179 के तहत जुर्माना लगाए जाने का प्रावधान है. इस आदेश का उल्लंघन करने पर दंडित किए जाने का प्रावधान है.

उत्तर प्रदेश परिवहन निदेशालय ने 10 अगस्त को जारी अपने आदेश में कहा था कि कारों पर धर्म और जाति सूचक स्टिकर लगाने वाले मालिकों का चालान करने के लिए 11 से 20 अगस्त के बीच एक विशेष अभियान चलाया जाएगा.

आपको बता दें, मोटर वाहन नियमों के मुताबिक, रजिस्टर नंबर प्लेटों पर स्टिकर और चिपकने वाले लेबल लगाने की अनुमति नहीं है. नियमों में नंबर प्लेट की विशिष्टताएं भी बताई गई हैं. सेक्शन के मुताबिक, नंबर प्लेट 1.0 मिमी एल्यूमीनियम से बनी होनी चाहिए और एक्ट्रीम लेफ्ट सेंटर में नीले रंग में ‘IND’ लिखा होना चाहिए.

Add India.com as a Preferred SourceAdd India.com as a Preferred Source

अगर नंबर प्लेट नियमों के अनुसार नहीं है. उस पर स्टिकर लगा है तो मोटर व्हीकल एक्ट के सेक्शन 192 के तहत 5,000 रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान है. बाद के अपराधों के लिए  1 साल तक की कैद और 10,000 रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है.

क्या वकील, डॉक्टर, पुलिस के स्टिकर कानूनी तौर पर वाहनों पर इस्तेमाल किए जा सकते हैं?

हमने अपने आस-पास डॉक्टर (Doctor), पुलिस या वकील (Advocate) पेशे से जुड़े लाखों लोगों को अपने वाहनों पर स्टिकर का इस्तेमाल करते देखा है.वकीलों, डॉक्टरों, पुलिस की कारों पर स्टिकर लगाकर अपने निजी लाभ के लिए व्यापक रूप से दुरुपयोग किया जा रहा है.

नवंबर 2020 में, मद्रास हाईकोर्ट (Madras High Court) ने वी. रमेश बनाम कुलपति, डॉ. अंबेडकर लॉ यूनिवर्सिटी और अन्य के मामले में इस मुद्दे पर आदेश जारी किया था. वाहनों पर एडवोकेट वाली स्टीकर लगाने को लेकर सवाल किए थे. कोर्ट ने पूछा कि क्या स्टिकर कानूनी रूप से अधिकृत हैं और क्या उन्हें कानूनी मंजूरी मिली है. कोर्ट ने कहा कि अगर स्टिकर का इस्तेमाल गलत कामों के लिए किया जा रहा है तो उन पर प्रतिबंध क्यों नहीं लगाया जाना चाहिए.

2019 में बॉम्बे हाई कोर्ट ने भी निजी वाहनों पर ऐसे स्टिकर पर प्रतिबंध लगाने का आदेश दिया था. इसके बाद, पुलिस ने व्यापक जांच की और उन लोगों पर कार्रवाई की, जिन्होंने गलत तरीके से इन स्टिकर का इस्तेमाल किया था.

बता दें, इसको लेकर अब तक कोई यूनिफॉर्म लॉ पारित नहीं हुआ है. जबकि कई राज्यों में धर्म-जाति सूचक स्टिकर लगाने पर प्रतिबंध है.

Also Read:

ब्रेकिंग न्यूज और लाइव न्यूज अपडेट के लिए हमें फेसबुक पर लाइक करें या ट्विटर पर फॉलो करें. India.Com पर विस्तार से पढ़ें EXPLAINERS की और अन्य ताजा-तरीन खबरें

By clicking “Accept All Cookies”, you agree to the storing of cookies on your device to enhance site navigation, analyze site usage, and assist in our marketing efforts Cookies Policy.