बच्चों के शैम्पू, तेल, पाउडर बनाने वाली जॉनसन एंड जॉनसन कंपनी को अमेरिका की एक कोर्ट ने 468 करोड़ रुपए हर्जाना देने का आदेश दिया। कंपनी यह हर्जाना 62 साल की डेबोराह गियानेचिनी नामक महिला को देगी। महिला का दावा है कि जॉनसन एंड जॉनसन कंपनी का पाउडर इस्तेमाल करने से उसे कैंसर हो गया था।

महिला ने बताया कि 2012 में मुझे ओवेरियन कैंसर का पता चला जिसका इलाज कराते समय सर्जरी के दौरान डाक्टरों को ओवरी में इस पाउडर के पार्टिकल्स मिले। जबकि कंपनी इन दोनों पाउडर की मार्केटिंग ‘हाइजीन प्रॉडक्ट के तौर पर करती है। यह भी पढ़ें: जीजीआईसी के लोकार्पण समारोह में आजम खान ने मोदी पर साधा निशाना,कहा एक बार ही लोगों को ठगा जा सकता है

डेबोराह के वकील जिम ओंडेर ने कहा कि कंपनी के दस्तावेजों से पता चलता है कि उसे 1970 के दशक से यह पता था कि टेल्कम पाउडर से सेहत को नुकसान हो सकता है। कंपनी ने प्रोडक्ट पर इसकी वॉर्निंग नहीं दी और यह बात छुपाती रही।” ओंडेर ने कहा कि डेबोराह ने यह मुकदमा पैसे के लिए नहीं किया है। वह चाहती हैं कि दुनिया को यह पता चले कि उनकी बीमारी की वजह एक प्रॉडक्ट है।

वहीं जॉनसन एण्ड जॉनसन कंपनी का कहना है कि इस तरह का फैसला आना दुर्भाग्यपूर्ण है। यह फैसला 30 वर्षों की विश्व के विभिन्न चिकित्सा विशेषज्ञों के शोध के खिलाफ है। शोध के नतीजे टैल्कम पाउडर के समर्थन में हैं। जॉनसन एंड जॉनसन ने अपने प्रॉडक्ड्स की सेफ्टी से संबंधित हर सवाल को बेहद गंभीरता से लिया है। कई वैज्ञानिक और वैधानिक समीक्षाओं में साबित हुआ है कि हमारे उत्पाद सुरक्षित हैं। साथ ही ये भी साबित हुआ कि जॉनसन बेबी पाउडर पर लगा लेबल भी सही है। हम फैसले के खिलाफ अपील करेंगे।

आपको बता दें कि कंपनी पर जुर्माना लगने का यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी यह कंपनी फरवरी में 480 करोड़ और मई में 367 करोड़ के दो केस हार चुकी है।

जॉनसन एंड जॉनसन के प्रॉडक्ट्स लगभग 175 देशों में बिकते हैं। रेवेन्यू 4.65 लाख करोड़ रुपए और प्रॉफिट 1.02 लाख करोड़ रुपए है। भारत में बेबी पाउडर के बाजार के 50 प्रतिशत हिस्से पर इसी कंपनी का कब्जा है। फोर्ब्स-2015 की लिस्ट में ‘जॉनसन फैमिली’ दुनिया के सबसे अमीर परिवारों की सूची में 46वें नंबर पर थी।

वहीं जज बिली रे ने कहा कि ऐसा लग रहा है कि कंपनी को ग्राहकों की जरा भी परवाह नहीं है। वह आगे से चेतावनी(वार्निंग) लेवल के साथ प्रॉडक्ट बाजार में लाए। ताकि ग्राहक तय कर सकें कि उसे यह प्रॉडक्ट लेना है या नहीं।