नई दिल्ली: एयर इंडिया के पायलट अरविंद कठपालिया को एयरलाइन में क्षेत्रीय निदेशक (उत्तरी क्षेत्र) के पद पर पदोन्नत किया गया है. एक आधिकारिक बयान में मंगलवार को यह जानकारी दी गई. कठपालिया का उड़ान लाइसेंस नवंबर 2018 में उड़ान पूर्व मदिरा परीक्षण में नाकाम रहने पर निलंबित कर दिया गया था. राष्ट्रीय विमानन कंपनी ने एक अधिसूचना में कहा कि कठपालिया बुधवार से प्रभार ग्रहण करेंगे. बता दें कि कठपालिया को पिछले साल 11 नवंबर को उनके एअर इंडिया की नई दिल्ली-लंदन उड़ान से पहले किए गए दो ब्रेथ एनालाइजर (बीए) परीक्षण में पॉजीटिव पाया गया था. वहीं, एअर इंडिया के पायलटों का प्रतिनिधित्व करने वाली इंडियन कमर्शियल पायलट असोसिएशन (आईसीपीए) ने कठपालिया की नियुक्ति की कड़ी निंदा की है.

एअर इंडिया की जारी एक अधिसूचना में कहा गया, ”पंकज कुमार, क्षेत्रीय निदेशक (उत्तरी क्षेत्र) के 30 अप्रैल 2019 को सेवानिवृत्त होने के बाद कैप्टन अरविंद कठपालिया एक मई 2019 से क्षेत्रीय निदेशक (उत्तरी क्षेत्र) का पदभार ग्रहण करेंगे.”

अगले दिन विमानन नियामक नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने उनके उड़ान लाइसेंस को तीन साल के लिए निलंबित कर दिया था और 13 नवंबर को नागर विमानन मंत्रालय ने उन्हें निदेशक संचालन के पद से हटाने का आदेश जारी किया था. एक हफ्ते बाद हालांकि एअर इंडिया ने उन्हें कार्यकारी निदेशक के पद पर तैनाती दी थी.

एअर इंडिया के एक प्रवक्ता ने मंगलवार को कहा, ”उत्तरी क्षेत्र के निदेशक के तौर पर कठपालिया की नियुक्ति नियमों के अनुरूप है. पूर्व में वह कार्यकारी निदेशक थे जो क्षेत्रीय निदेशक के बराबर होता है.” एअर इंडिया के नैरो बॉडी एयरक्राफ्ट उड़ाने वाले पायलटों का प्रतिनिधित्व करने वाली इंडियन कमर्शियल पायलट असोसिएशन (आईसीपीए) ने कठपालिया की नियुक्ति की कड़ी निंदा की है.

आईसीपीए ने कहा कि एक दागी अधिकारी की पदोन्नति के लिए सर्वोच्च अधिकारी काफी मेहनत कर रहे हैं. उन्हें उत्तरी क्षेत्र का प्रभारी बनाया गया है, जहां वह उन लोगों को धमका सकेंगे, जिन्होंने पुलिस जांच में बयान दिया. कमांडर्स के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई क्षेत्रीय निदेशक (उत्तरी क्षेत्र) के अंतर्गत आती है. यह नैतिक रूप से गलत है.

विमान नियमावली का नियम 24 किसी भी विमान के संचालन से 12 घंटे पहले पायलट को मदिरा के सेवन से रोकता है और उसके लिए विमान संचालन से पहले और बाद में मदिरा परीक्षण कराना अनिवार्य है.