डेरा बाबा नानक (गुरदासपुर): पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने राज्य में आतंकी गतिविधियों को बढ़ावा देने को लेकर पाकिस्तान और उसके सेना प्रमुख को सोमवार को आड़े हाथ लिया. उन्होंने इमरान खान नीत सरकार को चेतावनी दी कि यदि भारत के खिलाफ हिंसा पर रोक नहीं लगाई गई तो उसे गंभीर अंजाम भुगतना होगा. सेना में अफसर रह चुके चुके कैप्‍टन ने खान से पाकिस्तानी सेना पर लगाम कसने और भारतीय सशस्त्र बलों एवं नागरिकों के खिलाफ आतंकवादी गतिविधियां फौरन बंद करने को कहा. सिंह ने कहा, ” यदि वे पंजाब में संकट पैदा करने की कोशिश करेंगे तो बाजवा को याद रखना चाहिए कि हमारी रगों में पंजाबी खून है, हम इसे बर्दाश्त नहीं करेंगे. मैं अपने खून के आखिरी कतरे तक पंजाब के लोगों की रक्षा करूंगा.”

कांग्रेस नेता अमरिंदर ने कहा, ”मैं (करतारपुर गलियारा के लिए) पाकिस्तान के प्रधानमंत्री का शुक्रिया अदा करता हूं. साथ ही, उनके (पाकिस्तान के) थलसेना प्रमुख से कुछ कहना चाहता हूं. मैं भी सेना में रहा हूं और जनरल बाजवा इस मामले में मुझसे काफी कनिष्ठ हैं. जब हम (कैप्टन) सेना में थे देश की सुरक्षा हमारे लिए सर्वोच्च थी.”

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भारतीय नागरिक और सैनिक हर दिन मारे जा रहे हैं
मुख्यमंत्री ने एक कार्यक्रम में यह टिप्पणी की. यहां उन्होंने उप-राष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू के साथ करतारपुर साहिब गलियारे के निर्माण की आधारशिला रखी. गलियारे के शिलान्यास समारोह में 28 नवंबर को पाकिस्तान नहीं जाने का अपना रूख दोहराते हुए सिंह ने कहा कि जब बेकसूर भारतीय नागरिक और सैनिक हर दिन मारे जा रहे हैं, तो ऐसे में वह वहां कैसे जा सकते हैं?

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कौन सिखाता है कि आप सीमा पर हमारे सैनिकों की हत्या करिए?
सीएम ने कहा, ”लेकिन सेना में आपको यह कौन सिखाता है कि आप सीमा पर हमारे सैनिकों की हत्या करिए? आप स्नाइपर से हमारे जवानों को मारते हैं. क्या आपको कभी बताया गया है कि आपने पठानकोट, दीनानगर में लोगों को मारा?” उन्होंने पठानकोट एयरबेस में 2016 में और दीनानगर तथा गुरदासपुर में 2015 में हुए आतंकी हमलों का जिक्र करते हुए यह बात कही.

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सत्संग कर रहे लोगों पर ग्रेनेड फेंके गए, ये कायराना
सिंह ने पाकिस्तान के थलसेना प्रमुख जनरल कमर जावेद बाजवा पर भी निशाना साधा और उन्हें राज्य में आतंकी गतिविधियों और सीमा पर भारतीय सैनिकों के मारे जाने के लिए जिम्मेदार ठहराया. अमृतसर स्थित निरंकारी भवन में हुए ग्रेनेड हमले का जिक्र करते हुए 76 वर्षीय अमरिंदर ने कहा, ”लोग एक गांव में सत्संग कर रहे थे और उन पर ग्रेनेड फेंके गए. क्या सेना यही सिखाती है? यह कायराना हरकत है.” बता दें कि उस हमले में तीन लोगों की मौत हुई थी.

आईएसआई पर लगाम लगाएं पाक पीएम
सीएम अमरिंदर ने कहा कि यह सभी को पता है कि पाकिस्तान में सेना की ही चलती है. पाकिस्तान के प्रधानमंत्री को अपनी सेना और हमारे खिलाफ उसके (पाक सेना के) तहत काम करने वाली आईएसआई पर लगाम कसना चाहिए…ऐसे सेना प्रमुख (पाक सेना प्रमुख) को यह समझना चाहिए कि हमारे पास उनसे कहीं अधिक बड़ी सेना है और हम पूरी तरह से तैयार हैं. यदि आप बार बार भारत को उकसाएंगे तो फिर हमे सोचना पड़ेगा.” हालांकि, सिंह ने यह भी कहा कि कोई भी व्यक्ति युद्ध नहीं चाहता है. हम शांति और विकास चाहते हैं.

जिम्मेदारी से मुंह नहीं फेर सकता, मैं करतारपुर कैसे जाऊं ?
अमरिंदर ने मीडियाकर्मियों से कहा, ”कुछ चीजें फेसबुक पर आईं, जिनमें कई लोगों ने कहा कि कैप्टन साहब आप वहां (करतारपुर गलियारा के शिलान्यास कार्यक्रम में पाकिस्तान) क्यों नहीं जा रहे हैं? मैं कैसे जाऊं ? मैं अपने नागरिकों के प्रति अपनी जिम्मेदारी से मुंह नहीं फेर सकता, मैं वहां नहीं जा सकता. क्योंकि करतारपुर साहिब पहुंचने के लिए मुझे पाकिस्तान से गुजरना होगा और पाक सरकार नियंत्रण से बाहर है.”