नई दिल्ली: पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने नागरिक संशोधन विधेयक का विरोध किया है. कैप्टन का कहना है कि नागरिक संसोधन विधेयक भारत की लोकतांत्रिक भावना के खिलाफ है इसलिए वह इसका विरोध करते हैं. वह शनिवार को नई दिल्ली में आयोजित एक कार्यक्रम में शामिल हुए जहां उन्होंने नागरिक संसोधन विधेयक को लेकर अपना यह विरोध जताया. कांग्रेस के वरिष्ठ नेता व पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने नागरिक संसोधन विधेयक व नेशनल रजिस्टर फॉर सिटिजन यानी एनआरसी दोनों को ही गलत बताया. दिल्ली आए कैप्टन ने कहा कि पंजाब किसी हालत में नागरिक संशोधन विधेयक को मंजूर नहीं करेगा क्योंकि यह भी एनआरसी की तरह लोकतंत्र की भावना के विपरीत है. उन्होंने कहा कि पंजाब में इसे लागू नहीं किया जाएगा.

यहां गौरतलब है कि पंजाब देश के सीमावर्ती राज्यों में शामिल है. भारत पाकिस्तान सीमा का एक लंबा हिस्सा पंजाब से लगता है व पाकिस्तान जाने का सबसे प्रमुख रास्ता भी पंजाब में ही है.

कैप्टन अमरिंदर ने जहां एनआरसी व नागरिक संसोधन विधेयक का विरोध किया वहीं उन्होंने पुलिस एन्काउंटर पर सीधा जवाब नहीं दिया. उनका कहना कि कानून के दायरे से बाहर जाकर पुलिस को कार्रवाई नहीं करनी चाहिए.

उन्होंने कहा, “मैं कानून के दायरे से बाहर पुलिस कार्रवाई का विरोध करता हूं.” हालांकि दबे शब्दों में उन्होंने यह भी कहा कि पुलिस आत्मरक्षा में एनकाउंटर कर सकती है. उन्होंने कहा कि यदि पुलिस पर हमला होता है तो पुलिस को उसका जवाब देने का हक है. गौरतलब है कि हैदराबाद में दुष्कर्म के चार आरोपियों को पुलिस ने एक मुठभेड़ में मार गिराया, जिसके बाद से देश के कई मुख्यमंत्री व नेता पुलिस की इस कार्रवाई के समर्थन व विरोध में आ खड़े हुए हैं.

(इनपुट भाषा)