हैदराबाद: तेलंगाना के मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव के पालतू कुत्ते की मौत होने पर दो पशु चिकित्सकों पर मामला दर्ज किया गया है. इसकी विपक्ष ने तीखी आलोचना की है और सरकार पर डेंगू रोकने में निष्क्रियता का आरोप लगाया है. दो पशु चिकित्सकों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 429 और पशु अत्याचार रोकथाम अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है. यह मामला मुख्यमंत्री के सरकारी आवास ‘प्रगति भवन’में कुत्ते की देखभाल करने वाले की ओर से 12 सितंबर को दी गई शिकायत के आधार पर दर्ज किया गया है.

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पुलिस ने रविवार को बताया कि शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि 11 महीने के बीमार कुत्ते का इलाज करने में वेटनरी डॉक्‍टरों ने लापरवाही बरती, जिस वजह से उसकी 11 सितंबर को मौत हो गई. एक वेटनरी डॉक्‍टर क्लीनिक चलाता है.

मामला दर्ज होने पर कांग्रेस प्रवक्ता डी. श्रवण ने कहा कि जब एक सरकारी अस्पताल में डेंगू से एक ही दिन में छह बच्चों की मौत हो गई तो किसी ने कोई भी कार्रवाई नहीं की. उन्होंने जानना चाहा कि लापरवाही बरतने के लिए मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री ई राजेंद्र के खिलाफ मामला दर्ज होना चाहिए या नहीं.

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कांग्रेस नेता ने मांग की कि वायरल बीमारी को काबू में करने का उपाय करने के लिए राज्य सरकार को तेलंगाना में स्वास्थ्य आपातकाल घोषित कर देना चाहिए. इसी तरह, तेलंगाना प्रदेश भाजपा के मुख्य प्रवक्ता के कृष्ण सागर राव ने एक विज्ञप्ति में पशु चिकित्सकों के खिलाफ कार्रवाई को हास्यास्पद बताया.

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